सरल डेस्क
सोने-चांदी की कीमतों में हाल ही में आई भारी गिरावट ने निवेशकों को असमंजस में डाल दिया है। एक समय लगातार रिकॉर्ड बना रहे Gold और Silver अब तेज उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह खरीदने का सही मौका है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि सोना-चांदी हमेशा से सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प रहे हैं। चाहे आर्थिक संकट हो, महंगाई बढ़े या शेयर बाजार में गिरावट आए, इनकी अहमियत बनी रहती है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में इनके दाम तेजी से ऊपर-नीचे हो सकते हैं, इसलिए जल्द मुनाफा कमाने की सोच के साथ निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम
अगर आप निवेश की योजना बना रहे हैं, तो एकमुश्त पैसा लगाने की बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर माना जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर आपके पास 1 लाख रुपये हैं, तो एक बार में पूरी राशि लगाने के बजाय हिस्सों में निवेश करें। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है।
इसके अलावा, अपने पोर्टफोलियो को संतुलित रखने के लिए कुल निवेश का करीब 15-20% हिस्सा सोने-चांदी में रखना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है। खास बात यह है कि आज के समय में चांदी की मांग सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडस्ट्री—जैसे सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स—में भी इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।