सरल डेस्क
ग्रेटर नोएडा के थाना बिसरख पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक बड़े और संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन पुरुष और पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑनलाइन गेमिंग और निवेश से मुनाफा कमाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। शुरुआत में पीड़ितों को कम रकम निवेश करने पर मुनाफा दिखाया जाता था, जिससे उनका भरोसा जीत लिया जाता था। इसके बाद बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित कर ठगी की जाती थी और संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया जाता था।
फर्जी सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल
जांच में सामने आया है कि गिरोह ठगी की रकम छिपाने और ट्रांजैक्शन को ट्रेस से बचाने के लिए प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड और फर्जी नामों पर खुलवाए गए बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। आरोपी महिलाओं के नाम पर खाते खुलवाकर उनका प्रयोग डिजिटल भुगतान और रकम निकालने में किया जाता था।
भारी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई फर्जी सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप, क्यूआर कोड, एटीएम कार्ड और नकदी बरामद की है। बरामद उपकरणों के जरिए यह गिरोह ठगी की पूरी डिजिटल गतिविधि को संचालित करता था।
देश के अलग-अलग हिस्सों में फैला नेटवर्क
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह सिर्फ ग्रेटर नोएडा तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहा था। प्रारंभिक जांच में कई पीड़ितों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
आगे की कार्रवाई जारी
थाना बिसरख पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए हैं तथा ठगी की कुल रकम कितनी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग या निवेश से जुड़े किसी भी ऐप पर पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जानकारी और सत्यता की जांच जरूर करें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।