दिल्ली डेस्क
नई दिल्ली:- ओमान के तट के पास एक जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र में बढ़ते तनाव का गंभीर परिणाम बताया है।
कांग्रेस ने जारी बयान में कहा कि ओमान के तट पर तीन भारतीय नाविकों की मौत बेहद दुखद है। पार्टी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में वह उनके साथ खड़ी है।
साथ ही कांग्रेस ने अमेरिका की सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई से क्षेत्र में नागरिक जहाजों और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को कई बार कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया है, लेकिन भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार विफल रही है।
कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते, जब भारतीयों की जान और हितों की रक्षा का सवाल हो।
जानकारी के अनुसार, 10 जून को एमटी सेटेबेलो नामक जहाज पर हमला हुआ था। जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया।
इस बीच, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पिछले चार दिनों में भारतीय क्रू सदस्यों वाले कम से कम तीन जहाजों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं।
8 जून को एमटी मारिवेक्स जहाज पर हमला हुआ था, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे। हालांकि सभी नाविक सुरक्षित बचा लिए गए थे। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी पुष्टि की थी।
वहीं, 11 जून को एमटी जलवीर जहाज पर भी हमले की सूचना मिली। इस जहाज पर 20 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
लगातार हो रहे इन हमलों ने पश्चिम एशिया के समुद्री मार्गों में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। विपक्ष ने केंद्र सरकार से इस मामले में सक्रिय कदम उठाने और विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।