गुरप्रीत सिंह
पंजाब डेस्क
पंजाब के सरहदी जिले गुरदासपुर के गांव आदियां स्थित पुलिस चेक पोस्ट पर तैनात दो पुलिस कर्मियों की गोलियां मारकर हत्या करने के मामले के मास्टमाइंड रणजीत सिंह निवासी आदियां को बुधवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। मुठभेड़ बुधवार सुबह करीब छह बजे हुई। पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। मास्टर माइंड व शूटरों को पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी ने पैसों का लालच दिया। इनता ही नहीं, मात्र चंद पैसे एडवांस में मिलते ही आरोपितों ने घटना का अंजाम दे दिया। ये जानकारी डीआईजी बॉर्डर रेंज संदीप गोयल ने मीडिया से बातचीत में सांझा की।
इंद्रजीत और रणजीत वारदात के मास्टमाइंड
डीआईजी बॉर्डर रेंज संदीप गोयल ने बताया कि आरोपितों ने आईएसआई के इशारे पर पैसों के लालच में वारदात को अंजाम दिया था। आरोपित दिलावर सिंह को गोली मारने वालों की सहायता करने के लिए 20 हजार रुपए दिए जाने थे, जिसमें से उसे फिलहाल 3 हजार रुपए मिले थे। उन्होंने बताया कि रणजीत सिंह और इंद्रजीत सिंह को 2 से 3 लाख रुपए दिए जाने थे। गुमराह हुए आरोपितों ने पैसों के लिए वारदात को अंजाम दे दिया। इंद्रजीत सिंह के खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट के तीन मामले दर्ज हैं। वारदात में दिलावर के मोटरसाइकिल का प्रयोग किया गया था। इंद्रजीत और रणजीत वारदात के मास्टमाइंड थे।
आदियां के बारे में अहम सुराग
घायल अवस्था में उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को ही इस केस के आरोपित दिलावर सिंह निवासी आलीनंगल को गिरफ्तार कर लिया था। दिलावर सिंह की पूछताछ में ही रणजीत सिंह और उसके दूसरे साथी इंद्रजीत सिंह निवासी आदियां के बारे में अहम सुराग हाथ लगे थे।
दिलावर ने पूछताछ में बताया था कि रणजीत और इंद्रजीत भी हत्या में शामिल थे। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने मंगलवार की रात रणजीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। फिलहाल पुलिस आरोपित इंद्रजीत सिंह की तलाश में छापेमारी कर रही है। आरोपितों ने इस वारदात को आईएसआई के बहकावे के में आकर पैसों के लालच में अंजाम दिया था।