नई दिल्ली, 23 फरवरी 2026। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र को स्वच्छ, हरित और विकसित बनाने के लक्ष्य तथा ‘विकसित भारत @2047’ के विज़न के अंतर्गत नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा ट्यूलिप उत्सव–2026 का भव्य उद्घाटन आज शांति पथ, चाणक्यपुरी में किया गया।
उद्घाटन समारोह में एनडीएमसी अध्यक्ष श्री केशव चंद्रा, उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल तथा नीदरलैंड साम्राज्य की राजदूत महामहिम सुश्री मारिसा गेरार्ड्स विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में परिषद सदस्य श्री अनिल वाल्मीकि सहित अनेक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
ट्यूलिप वॉक और विशेष प्रदर्शनी का आयोजन
अतिथियों ने ‘ट्यूलिप वॉक’ में हिस्सा लिया और रंग-बिरंगे फूलों से सजे परिसर का अवलोकन किया। इस अवसर पर ट्यूलिप के इतिहास, विभिन्न किस्मों तथा शांति पथ के आसपास स्थित स्मारकों के इतिहास पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई।
एक लाख गमले बिक्री के लिए उपलब्ध
एनडीएमसी अध्यक्ष श्री केशव चंद्रा ने बताया कि लगातार दूसरे वर्ष एक लाख ट्यूलिप बल्ब गमलों में तैयार कर आम जनता के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध कराए गए हैं। ये शांति पथ लॉन, लोधी गार्डन, नेहरू पार्क, तालकटोरा गार्डन, सेंट्रल पार्क तथा एनडीएमसी की नर्सरियों—सफदरजंग मदरसा, गुरुद्वारा पार्क और पुराना किला मार्ग—में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष कुल 5,17,500 ट्यूलिप बल्ब मंगाए गए, जिनमें से 3,25,000 बल्ब एनडीएमसी और 1,92,500 बल्ब दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के लिए थे।
प्रमुख स्थलों पर सजे ट्यूलिप
उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल ने जानकारी दी कि इस वर्ष लगभग 2,25,000 बल्ब शांति पथ, सेंट्रल पार्क (कनॉट प्लेस), कन्वेंशन सेंटर, लोधी गार्डन, तालकटोरा गार्डन, सरदार पटेल मार्ग, मंडी हाउस, विंडसर प्लेस, शेरशाह सूरी मार्ग और उपराष्ट्रपति भवन के निकट स्थित गोलचक्करों पर लगाए गए हैं।
इसके अतिरिक्त 1,00,000 बल्ब गमलों में रोपे गए हैं। लोधी गार्डन स्थित ट्यूलिप हाउस संरक्षण केंद्र में सुरक्षित 15,000 बल्ब तथा पालमपुर स्थित वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद – हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र से प्राप्त 20,700 बल्बों का भी रोपण किया गया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017–18 में मात्र 17,000 बल्बों से शुरू हुई यह पहल आज एक प्रमुख वार्षिक आयोजन बन चुकी है, जिससे एनडीएमसी सार्वजनिक स्थलों पर सफलतापूर्वक ट्यूलिप उगाने वाली भारत की पहली नागरिक संस्था बन गई है।
भारत-नीदरलैंड मित्रता का प्रतीक
राजदूत सुश्री मारिसा गेरार्ड्स ने कहा कि ट्यूलिप की ऐतिहासिक यात्रा मध्य एशिया से उस्मानी साम्राज्य और फिर नीदरलैंड के लीडेन नगर तक पहुंची, जो देशों के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत में खिले ये डच ट्यूलिप दोनों देशों की मित्रता, नवाचार और जन-से-जन संबंधों को और मजबूत करेंगे।
फरवरी माह भर आमजन के लिए खुला उत्सव
एनडीएमसी के अनुसार, ट्यूलिप उत्सव–2026 फरवरी माह भर आम जनता के लिए खुला रहेगा। लाल, सफेद, पीले, बैंगनी, गुलाबी, नारंगी और द्वि-रंगी ट्यूलिपों की आकर्षक सज्जा राजधानी के प्रमुख स्थलों पर दर्शकों को आकर्षित कर रही है।
एनडीएमसी ने कहा कि ट्यूलिप रोपण परियोजना राजधानी को अधिक सुंदर, हरित और प्रेरणादायक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा अन्य नगर निकायों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।