उत्तराखंड डेस्क
देहरादून/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। हर साल की तरह इस बार भी बाबा केदार के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। कपाट खुलने से पहले धार्मिक परंपराओं के अनुसार बाबा केदार की पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से विधि-विधान के साथ रवाना होगी।
19 अप्रैल को ऊखीमठ से रवाना होगी बाबा की डोली
मिली जानकारी के अनुसार बाबा केदार की पंचमुखी डोली 19 अप्रैल 2026 को ऊखीमठ से रवाना होगी। धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना के बाद डोली यात्रा विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी। डोली यात्रा के दौरान श्रद्धालु रास्ते भर फूल-मालाओं और भक्ति गीतों के साथ बाबा का स्वागत करेंगे।
22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खुलेंगे कपाट
22 अप्रैल की सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ हो जाएगा। मंदिर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है और प्रशासन द्वारा सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
प्रशासन और सरकार की तैयारी तेज
उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। यात्रा मार्ग की मरम्मत और सफाई का काम तेज। मेडिकल और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत। हेलीकॉप्टर सेवा और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था। पुलिस और SDRF की तैनाती। श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की तैयारी। सरकार का कहना है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए विशेष योजना बनाई गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं में उत्साह
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की खबर से श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। कई भक्तों ने अभी से यात्रा की बुकिंग और पंजीकरण शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि इस साल भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। हिंदू धर्म में केदारनाथ धाम का विशेष महत्व है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है और चारधाम यात्रा का अहम हिस्सा है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।