बिहार में सत्ता के नए अध्याय की तैयारी अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिख रही है। दिल्ली से लेकर पटना तक राजनीतिक बैठकों की रफ्तार अचानक तेज हो गई है। एनडीए खेमे में सरकार गठन को लेकर गहन मंथन चल रहा है और संकेत मिल रहे हैं कि सत्ता का नया फॉर्मूला लगभग तय माना जा रहा है।
BJP–JDU की पहली दौर की बातचीत पूरी
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बीच सरकार गठन पर पहली औपचारिक बातचीत पूरी हो चुकी है। इस मीटिंग में सीटों के बंटवारे से लेकर कैबिनेट संरचना और मुख्यमंत्री पद के फार्मूले पर शुरुआती सहमति बनी बताई जा रही है।
एनडीए के 16 बड़े नेताओं को दिल्ली तलब
बिहार के राजनीतिक समीकरणों में अहम भूमिका निभाने वाले कुल 16 प्रमुख नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है। इसका मकसद नई सरकार में भागीदारी और मंत्रालयों की हिस्सेदारी पर अंतिम मुहर लगाना बताया जा रहा है।
मांझी–कुशवाहा–चिराग भी दिल्ली बुलाए गए
जिन नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है उनमें शामिल हैं
- जीतनराम मांझी (HAM)
- उपेंद्र कुशवाहा (RLJP / RLSP धड़ा)
- चिराग पासवान (LJP–RV)
इन सभी नेताओं की भूमिका नई सरकार के फार्मूले में अहम मानी जा रही है। दिल्ली में इनसे अलग–अलग बातचीत की तैयारी है ताकि एनडीए के भीतर सभी सहयोगियों को साथ लेकर सरकार का गठन सुचारू रूप से किया जा सके।
क्या है ‘नए फॉर्मूले’ की रूपरेखा ?
हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में ये बिंदु चर्चा में हैं—
- मुख्यमंत्री पद को लेकर सहमति: मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए संकेत हैं कि JDU और BJP के बीच इस पर स्पष्ट समझ बन चुकी है।
- डिप्टी CM पद: BJP की तरफ से दो डिप्टी मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा तेज।
- मंत्रालयों का बंटवारा: NDA के सभी घटक दलों को उनके समर्थन और ताकत के अनुसार हिस्सेदारी।
- स्पीकर पद और संगठनात्मक समझौता: इन पर भी अंतिम दौर की बातचीत जारी है।
पटना में भी तेज हुई राजनीतिक हलचल
दिल्ली में हलचल बढ़ने के साथ ही पटना में भी राजनीतिक गतिविधियां अचानक बढ़ी हैं। JDU और BJP दोनों ही तरफ से नेताओं की लगातार बैठकें हो रही हैं। राज्य के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का बाज़ार गर्म है।
अगले 48 घंटे बेहद अहम
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि “अगले 24–48 घंटे में बिहार की नई सरकार की रूपरेखा और साझीदारों के चेहरों पर अंतिम मुहर लग सकती है।”