सरल डेस्क
भारत ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत पर संवेदना व्यक्त की है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज दिल्ली में ईरान के राजदूत से मुलाकात की और खामनेई की मौत पर कंडोलेंस रजिस्टर पर साइन किए। खामनेई की मौत रविवार को तेहरान में अमेरिका-इजरायल एयर स्ट्राइक में हुई थी।
भारत का यह कदम उसके रुख में छोटे से बदलाव का संकेत है, जिसमें उन एयरस्ट्राइक की निंदा नहीं की थी जिनमें खामनेई की मौत हुई थी और विपक्ष की फॉर्मल बयान की जोरदार मांगों के सामने सोची समझी चुप्पी बनाए रखी थी।
भारत का रिएक्शन जी7 डेमोक्रेसी जैसा ही था, जिनमें से किसी ने भी शोक संदेश जारी नहीं किया था। विपक्ष ईरान के साथ भारत के लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों की ओर इशारा करते हुए इसकी मांग कर रहा है। एक समय था जब भारत अपनी जरूरत का 13 परसेंट तेल ईरान से खरीदता था और उससे काफी व्यापार करता था, लेकिन न्यूक्लियर डील से ईरान के हटने के बाद उस पर US के बैन लगने से यह व्यापार तेजी से कम हो गया।