यूपी डेस्क
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत सहित कई लोगों पर एक पुराने प्रदर्शन से जुड़े मामले में गाजियाबाद की विशेष MP/MLA कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। यह खबर अप्रैल 2025 की है, लेकिन सोशल मीडिया और कुछ प्लेटफॉर्म्स पर यह वायरल हो रही है। 18 सितंबर 2014 (वर्तमान में लगभग 11 साल पुराना)। उस समय राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के नेता चौधरी अजित सिंह की दिल्ली स्थित सरकारी कोठी खाली कराने के सरकार के फैसले के विरोध में गाजियाबाद के मुरादनगर में सोनिया विहार रेगुलेटर पर गंगा नहर रोड ब्लॉक कर बड़ा प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन में रालोद कार्यकर्ता, किसान यूनियन के सदस्य और अन्य शामिल थे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया था, जिससे हिंसा भड़क गई। इस घटना में पुलिस ने 36 नामजद लोगों (राकेश टिकैत सहित) और करीब 5000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जानलेवा हमला, आगजनी, सरकारी काम में बाधा, बलवा आदि गंभीर धाराएं शामिल।
कोर्ट का हालिया फैसला (अप्रैल 2025)
गाजियाबाद की विशेष MP/MLA कोर्ट (जज निशांत मान) ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 25 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए। इन 25 में शामिल हैं राकेश टिकैत (भाकियू प्रवक्ता), वर्तमान विधायक योगेश धामा, पूर्व मंत्री दलवीर सिंह, पूर्व विधायक सुदेश शर्मा सहित अन्य मूल 36 नामजद में से कुछ की मौत हो चुकी या अन्य कारणों से केवल 25 पर ही नियमित सुनवाई हो रही थी। अब इन पर मुकदमा चलेगा। साक्ष्य पेश करने की अगली तारीख 30 अप्रैल तय की गई थी। आरोपियों के वकीलों ने दावा किया कि पुलिस ने झूठे आरोप लगाए और कोई ठोस सबूत नहीं है।
अब क्या है स्थिति (दिसंबर 2025 तक)
हाल की खबरों में इस मामले में कोई नया अपडेट (जैसे दोषसिद्धि या बरी होना) नहीं मिला है। मुकदमा चल रहा है और ट्रायल जारी है। दिसंबर 2025 में राकेश टिकैत से जुड़ी कोई नई कोर्ट कार्रवाई (आरोप तय) की रिपोर्ट नहीं है। यह मामला किसान आंदोलनों और राजनीतिक प्रदर्शनों से जुड़ा पुराना केस है, जो समय-समय पर चर्चा में आता रहता है।