प्रकाश मेहरा
स्पेशल डेस्क
श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुक्रवार से विधिवत शुरू हो गई। देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं के पहले जत्थे ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बालटाल और नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अपनी यात्रा आरंभ की।
अधिकारियों के अनुसार, करीब 4,800 श्रद्धालुओं का पहला जत्था गुरुवार को जम्मू से रवाना होकर कश्मीर पहुंचा था। शुक्रवार तड़के श्रद्धालुओं ने दोनों निर्धारित मार्गों से पवित्र गुफा की ओर प्रस्थान किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला और बीच-बीच में बारिश होने के बावजूद उनके जोश में कोई कमी नहीं आई।
दो प्रमुख मार्गों से हो रही यात्रा
अमरनाथ यात्रा दो अलग-अलग मार्गों से संपन्न होती है। पहला और पारंपरिक मार्ग दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के नुनवान-पहलगाम से होकर गुजरता है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 48 किलोमीटर है। दूसरा मार्ग मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के सोनमर्ग क्षेत्र स्थित बालटाल से शुरू होता है, जिसकी दूरी लगभग 14 किलोमीटर है। बालटाल मार्ग छोटा होने के कारण कई श्रद्धालु इसी रास्ते को चुनते हैं, जबकि पारंपरिक पहलगाम मार्ग धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है पवित्र गुफा
पवित्र अमरनाथ गुफा समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित है। इस गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं। हिंदू धर्म में बाबा अमरनाथ की यात्रा को अत्यंत पवित्र और आस्था का प्रतीक माना जाता है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अमरनाथ यात्रा को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। यात्रा मार्गों, बेस कैंपों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए चिकित्सा शिविर, आपदा प्रबंधन दल, हेल्प डेस्क और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
पहले दिन ही पुरुषों, महिलाओं, बुजुर्गों और साधु-संतों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ यात्रा पर रवाना हुए। श्रद्धालुओं ने कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन करना उनके लिए आध्यात्मिक आस्था और जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव है। अमरनाथ यात्रा के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालुओं के कश्मीर पहुंचने की संभावना है, जिससे यात्रा में और अधिक रौनक बढ़ने की उम्मीद है।