सरल डेस्क
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और अमेरिका-इज़राइल तथा ईरान के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा संकट को और गंभीर बना दिया है। इसके बीच कुवैत ने क्रूड ऑयल उत्पादन घटाने का बड़ा ऐलान किया है। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने इसे होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा खतरों और व्यापार जोखिम के चलते एहतियाती कदम बताया है। हालांकि यह साफ नहीं किया गया कि उत्पादन कितनी मात्रा में घटेगा।
पाकिस्तान को महंगा तेल खरीदना
विशेषज्ञों का कहना है कि कुवैत का यह फैसला वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर डाल सकता है और तेल की कीमतों में इजाफा हो सकता है। पहले कतर ने LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) के निर्यात में कटौती की थी, और अब कुवैत के फैसले से पाकिस्तान जैसी तेल और गैस आयातक देशों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कुवैत और कतर पर काफी हद तक निर्भर है। कुवैत से तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कमी और कतर की LNG सप्लाई में रुकावट के कारण पाकिस्तान को महंगा तेल खरीदना पड़ सकता है और यहां ऊर्जा संकट और महंगाई बढ़ सकती है।
तेल कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों में खतरे और उत्पादन में कटौती के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और बढ़ रही है। अगर संघर्ष जारी रहता है तो UAE और अन्य तेल उत्पादक देशों द्वारा उत्पादन में कटौती की संभावना भी बन सकती है। ऐसे में वैश्विक तेल कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव और बढ़ सकता है।