प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
ईरान में जारी जंग के हालात को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। हालात की गंभीरता को समझते हुए केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया है। इस अहम बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah करेंगे। बैठक से पहले सरकार के भीतर खाद, अनाज, पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई को लेकर लगातार उच्चस्तरीय बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, ईरान में चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार देश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय, खाद्य आपूर्ति विभाग और अन्य संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं।
पेट्रोल-डीजल और गैस की पर्याप्त स्टॉकिंग
सरकार की प्राथमिकता है कि देश में किसी भी तरह की खाद्य या ईंधन की किल्लत न हो और आम जनता पर महंगाई का ज्यादा असर न पड़े। इसके लिए पेट्रोल-डीजल और गैस की पर्याप्त स्टॉकिंग, अनाज का भंडारण और सप्लाई मैनेजमेंट पर रणनीति तैयार की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बाजार पर कड़ी निगरानी रखी जाए और किसी भी तरह की कालाबाजारी या जमाखोरी को तुरंत रोका जाए।
सर्वदलीय बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी राजनीतिक दलों को मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात की जानकारी देना और देश की आर्थिक एवं सुरक्षा स्थिति पर एक साझा रणनीति बनाना है। सरकार चाहती है कि इस मुद्दे पर सभी दल एकजुट होकर देशहित में फैसले लें और जनता को भरोसा दिया जाए कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
संभावित संकट से निपटने की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान जंग लंबा खिंचता है तो तेल और गैस की कीमतों पर असर पड़ सकता है, जिससे भारत जैसे आयातक देशों पर दबाव बढ़ेगा। ऐसे में सरकार पहले से तैयारी करके संभावित संकट से निपटने की रणनीति बना रही है। सरकार की ताबड़तोड़ बैठकों और सर्वदलीय बैठक बुलाने के फैसले से साफ है कि केंद्र अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर सतर्क है और देश में खाद्य व ईंधन आपूर्ति को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। आने वाले दिनों में इस बैठक के बाद बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।