सरल डेस्क
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 फरवरी 2026 को बाराबंकी जिले में एक जनसभा/कार्यक्रम (रामार्चा यज्ञ या दुल्हदेपुर कुटी में) को संबोधित करते हुए बाबरी मस्जिद (बाबरी ढांचे) के पुनर्निर्माण को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया।मुख्य बयान क्या थे?उन्होंने स्पष्ट कहा कि “कयामत तक बाबरी नहीं बन पाएगी” या “कयामत के दिन तक भी बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा”।
जो लोग बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण का सपना देख रहे हैं या कयामत के दिन का इंतजार कर रहे हैं, उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा। वे “कयामत का सपना देखते-देखते सड़-गल जाएंगे”, क्योंकि कयामत का दिन कभी नहीं आएगा।
कानून तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं
राम मंदिर को लेकर उन्होंने याद दिलाया कि हमने कहा था “रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे” — और मंदिर बन गया, वही स्थायी रहेगा। कानून-व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा “हिंदुस्तान में कायदे से रहना सीखो। यहां का कानून मानो। कानून मानोगे, कायदे से रहोगे तो फायदे में रहोगे।” कानून तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं, वे “जहन्नुम” की ओर जाएंगे।
यह बयान बाराबंकी में राम से जुड़े कार्यक्रम के दौरान आया, जहां योगी ने प्रदेश में 2017 से पहले की अराजकता (हर चौथे दिन कर्फ्यू आदि) और अब की सुधरी कानून-व्यवस्था का जिक्र किया। उन्होंने विपक्ष या कट्टरपंथी ताकतों को निशाना बनाते हुए कहा कि रामद्रोहियों या उपद्रवियों के लिए कोई जगह नहीं बची। यह बयान अयोध्या राम मंदिर निर्माण के बाद बाबरी के पुनर्निर्माण की चर्चाओं या अफवाहों के जवाब में लगता है।