सरल डेस्क
बिहार के दरभंगा जिले में घरेलू LPG गैस की भारी किल्लत ने अब गंभीर मानवीय संकट का रूप ले लिया है। शहर और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित है, जिसके कारण हजारों परिवारों के घरों में चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं। हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोग सुबह 3 बजे से ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में लगने को मजबूर हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
सुबह 3 बजे से लग रही कतारें
दरभंगा के अलग-अलग गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा—सभी गैस सिलेंडर लेने के लिए रात से ही नंबर लगाने पहुंच रहे हैं। कई जगहों पर भीड़ इतनी बढ़ गई कि स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और मजिस्ट्रेट तक को तैनात करना पड़ा।
दही-चूड़ा और सूखे भोजन से काम चला रहे लोग
गैस की कमी का सबसे बड़ा असर आम परिवारों की रसोई पर पड़ा है। जिन घरों में गैस खत्म हो चुकी है, वहां पिछले तीन-चार दिनों से चूल्हा नहीं जला है। ऐसे में लोग दही-चूड़ा, ब्रेड या अन्य सूखे खाद्य पदार्थ खाकर दिन गुजारने को मजबूर हैं। कई परिवारों ने बताया कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों को खाना खिलाना भी मुश्किल हो गया है।
आपूर्ति बाधित होने की वजह
स्थानीय प्रशासन और एजेंसी संचालकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों—खासकर खाड़ी देशों में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति—के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसी वजह से दरभंगा समेत बिहार के कई इलाकों में सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य नहीं हो पा रही है।
एजेंसियों के बाहर भारी भीड़, सुरक्षा के इंतजाम
स्थिति को देखते हुए कई गैस एजेंसियों के बाहर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले। प्रशासन का कहना है कि जैसे ही सप्लाई सामान्य होगी, वितरण भी सामान्य हो जाएगा।
लोगों में बढ़ रही नाराजगी
लगातार चार दिनों से गैस न मिलने के कारण लोगों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है। कई जगहों पर लोगों ने एजेंसियों के खिलाफ विरोध भी जताया और प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही गैस की नई खेप पहुंचने वाली है और आपूर्ति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है, ताकि लोगों को इस संकट से राहत मिल सके।