दिल्ली डेस्क
दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके में सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक रिहायशी इलाके में अचानक LPG गैस सिलेंडर में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही पलों में पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले सकती थी, लेकिन दिल्ली पुलिस के एक बहादुर कांस्टेबल की सूझबूझ और साहस ने कई जिंदगियों को बचा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस घर में सिलेंडर में आग लगी, वहां अफरा-तफरी मच गई। लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए और आसपास के मकानों में भी दहशत फैल गई। इसी दौरान मौके पर तैनात दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल ने हालात की गंभीरता को समझते हुए बिना अपनी जान की परवाह किए जलते सिलेंडर के बीच भीतर घुसने का फैसला किया।
कांस्टेबल और स्थानीय लोगों की मदद
कांस्टेबल ने बेहद सतर्कता और हिम्मत के साथ आग की लपटों से घिरे LPG सिलेंडर को घर के अंदर से बाहर निकाला। अगर सिलेंडर समय रहते बाहर नहीं निकाला जाता, तो किसी भी वक्त जोरदार विस्फोट हो सकता था, जिससे जान-माल का भारी नुकसान तय था। सिलेंडर को खुले स्थान पर ले जाकर कांस्टेबल और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन उससे पहले ही पुलिस की तत्परता से हालात काफी हद तक नियंत्रण में आ चुके थे। चंद मिनटों में आग पूरी तरह बुझा दी गई और इलाके में राहत की सांस ली गई।
साहसी कदम की जमकर सराहना की
स्थानीय लोगों ने दिल्ली पुलिस के इस साहसी कदम की जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि अगर पुलिसकर्मी ने समय पर साहसिक निर्णय नहीं लिया होता, तो यह हादसा एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था। दिल्ली पुलिस के इस बहादुर सिपाही की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपनी जान जोखिम में डालकर आम लोगों की सुरक्षा भी करती है। ऐसे जांबाज पुलिसकर्मी वाकई समाज के सच्चे हीरो हैं।