सरल डेस्क
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में इस सर्दी बर्फबारी न के बराबर रही है। दिसंबर 2025 में पहाड़ों पर सामान्य से बहुत कम बारिश और बर्फ गिरी, जिससे इलाके सूखे बने रहे। जनवरी 2026 के पहले दो हफ्तों में भी हालात नहीं सुधरे, लेकिन अब मौसम में बदलाव की उम्मीद दिखाई दे रही है।
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में इस बार सर्दियों के दौरान बर्फबारी बेहद कम रही। स्काईमेट वेदर के अनुसार, पूरे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दिसंबर 2025 के दौरान बारिश और बर्फबारी सामान्य से 90 फीसदी से ज्यादा कम रही। उत्तराखंड में हालात सबसे खराब रहे, जहां बर्फबारी लगभग नहीं हुई।
मौसम को लेकर राहत की खबर
जनवरी 2026 के शुरुआती हफ्तों में भी पहाड़ों पर मौसम शुष्क बना रहा। लंबे समय से बर्फ न गिरने के कारण पहाड़ी इलाकों में ठंड तो है, लेकिन सर्दियों जैसा मौसम पूरी तरह नजर नहीं आ रहा था। अब मौसम को लेकर राहत की खबर सामने आई है, 16 जनवरी से पहाड़ी राज्यों में मौसम बदलने की संभावना है और सूखे पहाड़ों पर फिर से बर्फ लौट सकती है।
मौसम एजेंसियों के मुताबिक, 16 जनवरी 2026 को एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र तक पहुंच सकता है। इसके असर से 12 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है।
इसके तुरंत बाद 19 जनवरी को एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने का अनुमान है, जो पहले सिस्टम से ज्यादा शक्तिशाली हो सकता है। इससे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का दायरा और तीव्रता बढ़ सकती है। 21 जनवरी के बाद बर्फबारी में लगातार बढ़ोतरी देखी जा सकती है। 26 जनवरी, यानी गणतंत्र दिवस के आसपास भी मौसम का असर बना रह सकता है।