सरल डेस्क
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 24 जनवरी को पार्टी के साथ चल रही कथित तनातनी और मतभेदों की खबरों पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “उन्होंने संसद में कभी भी कांग्रेस की आधिकारिक पार्टी लाइन का उल्लंघन नहीं किया। उनका एकमात्र सार्वजनिक मतभेद ऑपरेशन सिंदूर पर रहा है, और इस पर वे अपने रुख पर अडिग हैं तथा कोई पछतावा या माफी नहीं मांगेंगे। शशि थरूर के बयान से उन्होंने कहा, “मैंने संसद में कांग्रेस के किसी भी स्टैंड का किसी भी स्टेज पर विरोध नहीं किया है। एकमात्र मुद्दा जिस पर सिद्धांत के आधार पर पब्लिक में असहमति हुई, वह ऑपरेशन सिंदूर था।”
थरूर ने जोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनका रुख हमेशा देशहित को प्राथमिकता देने वाला रहा है। वे ऑपरेशन सिंदूर (जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ा प्रतीत होता है) की प्रशंसा या समर्थन वाले अपने स्टैंड पर खेद नहीं व्यक्त करते। पार्टी आलाकमान (राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे आदि) से नाराजगी की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि वे पार्टी के खिलाफ कभी नहीं गए, सिवाय इस एक मुद्दे के।
कांग्रेस में आंतरिक मतभेदों की खबरें
यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस में आंतरिक मतभेदों की खबरें चल रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि थरूर राहुल गांधी के किसी हालिया कार्यक्रम में मंच पर मौजूद होने के बावजूद उनके नाम का जिक्र न होने से ‘आहत’ हैं। साथ ही, ऑपरेशन सिंदूर पर उनके स्टैंड को पार्टी लाइन से अलग माना जा रहा है, जहां कांग्रेस ने संभवतः सरकार की कार्रवाई की आलोचना की थी, लेकिन थरूर ने इसे सैद्धांतिक रूप से सही ठहराया।यह बयान कोझिकोड (केरल) में दिए गए हैं, थरूर ने साफ किया कि वे पार्टी के साथ बने रहना चाहते हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपना स्वतंत्र विचार रखेंगे।