प्रकाश मेहरा
उत्तराखंड डेस्क
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर भावनाएं उफान पर हैं। शुक्रवार को देहरादून में मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अंकिता की मां सोनी देवी का एक भावुक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करते हुए कहा कि अगर इस लड़ाई में उनकी जान भी चली जाए तो उन्हें कोई अफसोस नहीं होगा।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सोनी देवी ने कहा कि उनकी बेटी ने बेहद संघर्षपूर्ण जीवन जिया था और उसके कई सपने अधूरे रह गए। उन्होंने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने और मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
“मेरी बेटी ने बहुत संघर्ष किया”
सोनी देवी ने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता एक साधारण परिवार से थी और अपने बलबूते आगे बढ़ना चाहती थी। पढ़ाई और नौकरी के जरिए वह परिवार का सहारा बनना चाहती थी, लेकिन उसे न्याय मिलने से पहले ही उसकी जिंदगी छीन ली गई। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी ने कभी गलत रास्ता नहीं चुना। वह मेहनत से आगे बढ़ना चाहती थी। आज मैं सिर्फ न्याय चाहती हूं, ताकि किसी और मां को यह दर्द न सहना पड़े।”
निष्पक्ष जांच की मांग
अंकिता की मां ने सरकार से यह भी अपील की कि जांच में किसी भी तरह का दबाव या पक्षपात न हो। उन्होंने कहा कि मामले में जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए, चाहे वे कितने ही प्रभावशाली क्यों न हों।
सरकार का आश्वासन
मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून के तहत सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
जनभावनाएं फिर से उभरीं
सोनी देवी के बयान और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया और जनमानस में एक बार फिर गुस्सा और संवेदना दोनों देखने को मिल रही हैं। लोग मामले में शीघ्र न्याय और कठोर सजा की मांग कर रहे हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड न केवल एक परिवार की पीड़ा का मामला है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। पीड़ित परिवार को अब भी उम्मीद है कि उनकी बेटी को इंसाफ मिलेगा और दोषियों को उनके किए की सजा।