विशेष डेस्क
नई दिल्ली। वरिष्ठ भाजपा नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर खुशियों ने दस्तक दी है। 21 जनवरी को उनके बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान और बहू अमानत बंसल के घर एक स्वस्थ बेटी का जन्म हुआ। दिल्ली के AIIMS अस्पताल में हुई इस डिलीवरी के साथ ही चौहान परिवार में उत्सव का माहौल बन गया।
शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पोती का नाम ‘इला’ (Ila) रखा है। यह नाम न सिर्फ यूनिक है, बल्कि देवी से जुड़ा हुआ एक अत्यंत शुभ और धार्मिक महत्व वाला नाम माना जाता है।
X पर भावुक संदेश, परिवार में खुशी की लहर
शिवराज सिंह चौहान ने खुद अपने X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर एक भावुक वीडियो साझा कर इस खुशखबरी को देश के साथ साझा किया। उन्होंने लिखा, “हमारे घर आज लाड़ली लक्ष्मी आई है। कार्तिकेय पिता बन गए, अमानत मां। कोकिला (साधना) अब दादी जी हैं और मैं दादा।” पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लग गया। पार्टी नेताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों ने परिवार को शुभकामनाएं दीं।
दादी साधना सिंह चौहान हुईं भावुक
पोती को देखकर दादी साधना सिंह चौहान (कोकिला) बेहद भावुक नजर आईं। वे बार-बार कहती दिखीं—“लाड़ली लक्ष्मी आई है।” घर में पारंपरिक तरीके से नवजात का स्वागत किया गया। शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पोती के कान में गायत्री मंत्र फूंककर उसका अभिनंदन किया, जिसे हिंदू परंपरा में नवजात के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
‘इला’ नाम का धार्मिक और पौराणिक महत्व
‘इला’ नाम संस्कृत मूल का है और इसका संबंध देवी से माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार— ऋग्वेद में इला को देवी सरस्वती का एक रूप या उनकी सहयोगी बताया गया है, जो ज्ञान, बुद्धि और वाणी की देवी हैं। विष्णु पुराण और भागवत पुराण में इला को राजा इल की संतान के रूप में वर्णित किया गया है, जिन्हें चंद्रवंश की आदि माता भी माना जाता है। नाम ‘इला’ का अर्थ पृथ्वी, बहने वाली धारा, प्रकाश और बुद्धि से जोड़ा जाता है। इसे सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और मजबूत व्यक्तित्व का प्रतीक माना जाता है।
“लाड़ली लक्ष्मी” और शिवराज की सोच
शिवराज सिंह चौहान हमेशा से बेटियों को “लाड़ली लक्ष्मी” कहकर सम्मान देते रहे हैं। उनकी प्रसिद्ध लाड़ली लक्ष्मी योजना भी बेटियों के उत्थान और सशक्तिकरण का प्रतीक रही है। ऐसे में पोती के जन्म को परिवार ने सिर्फ निजी खुशी नहीं, बल्कि “लाड़ली लक्ष्मी के आगमन” के रूप में देखा है। शिवराज सिंह चौहान के घर जन्मी नन्ही ‘इला’ परिवार के लिए सिर्फ एक नई सदस्य नहीं, बल्कि परंपरा, आस्था और भविष्य की उम्मीद बनकर आई हैं।