यूपी डेस्क
लखनऊ/जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर में आयोजित संभल के एसपी केके बिश्नोई और आईपीएस अंशिका वर्मा की शाही शादी में समाजवादी पार्टी के विधायकों की मौजूदगी अब सियासी विवाद का कारण बन गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मुद्दे पर सपा को घेरना शुरू कर दिया है।
जनप्रतिनिधि और राजनीतिक हस्तियां शामिल
राजस्थान के जोधपुर में हाल ही में यूपी कैडर के दो आईपीएस अधिकारियों केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा की शादी बड़े ही भव्य तरीके से संपन्न हुई। इस शादी में कई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं। बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के तीन विधायक—इकबाल महमूद, पिंकी यादव और रामखिलाड़ी यादव—भी इस समारोह में पहुंचे थे। शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सपा नेतृत्व तक पहुंच गया और विवाद खड़ा हो गया।
अखिलेश यादव ने जताई नाराजगी
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने विधायकों के शादी में शामिल होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पार्टी नेताओं को ऐसे आयोजनों में जाने से बचना चाहिए था। उन्होंने साफ कहा कि विधायकों को बैठाकर समझाया जाएगा और पार्टी अनुशासन का पालन करना जरूरी है। अखिलेश यादव का मानना है कि जिन अधिकारियों को लेकर पहले विवाद रहा हो, उनके निजी कार्यक्रमों में पार्टी नेताओं की मौजूदगी गलत संदेश देती है।
संभल विवाद से जुड़ा है मामला
इस विवाद की जड़ संभल में हुए पुराने प्रशासनिक और राजनीतिक टकराव को माना जा रहा है। पहले संभल में हुई घटनाओं को लेकर सपा ने प्रशासन और एसपी केके बिश्नोई पर सवाल उठाए थे। ऐसे में उन्हीं अधिकारी की शादी में सपा विधायकों का शामिल होना पार्टी लाइन के खिलाफ माना जा रहा है, जिसके कारण अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई।
BJP ने किया हमला
इस पूरे मामले पर भाजपा ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सपा में अनुशासन की कमी है और पार्टी दोहरे रवैये के साथ राजनीति कर रही है। भाजपा ने कहा कि सपा के अंदर ही समन्वय नहीं है, जिसके कारण इस तरह के विवाद सामने आ रहे हैं।
सियासी गलियारों में चर्चा तेज
इस घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद सपा के अंदर अनुशासन और नेतृत्व की पकड़ को लेकर सवाल खड़े कर सकता है। हालांकि अभी तक किसी विधायक पर आधिकारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन पार्टी स्तर पर चर्चा जारी है। केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा की शादी में सपा विधायकों की मौजूदगी ने एक साधारण सामाजिक कार्यक्रम को राजनीतिक विवाद में बदल दिया है। अखिलेश यादव की नाराजगी और भाजपा की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।