यूपी डेस्क
आगरा। ताज नगरी आगरा में प्रेम, संस्कृति और परंपरा का एक अनोखा संगम देखने को मिला, जब फ्रांस के बोर्डो शहर से आए एक बुज़ुर्ग दंपती ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया। करीब 40 वर्षों से साथ रह रहे फिलिप और सिल्विया ने भारतीय संस्कृति से प्रभावित होकर राधा-कृष्ण मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए।
मंदिर परिसर में आयोजित इस विवाह समारोह में पारंपरिक हिंदू रस्मों का पूरी श्रद्धा के साथ पालन किया गया। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया गया, मंगलाष्टक पढ़े गए और अग्नि के चारों ओर सात फेरे लेकर दोनों ने जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया। दूल्हा-दुल्हन भारतीय परिधान में नजर आए—जिससे पूरा वातावरण भारतीय परंपरा की खुशबू से भर उठा।
आध्यात्मिक आस्था और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान
फिलिप और सिल्विया पिछले चार दशकों से एक-दूसरे के साथ जीवन साझा कर रहे हैं। भारत भ्रमण के दौरान वे भारतीय संस्कृति, दर्शन और परंपराओं से गहराई से प्रभावित हुए। इसी प्रेरणा से उन्होंने अपने रिश्ते को भारतीय विधि-विधान से विवाह में परिणत करने का निर्णय लिया। राधा-कृष्ण मंदिर का चयन भी उनकी आध्यात्मिक आस्था और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
इस अनोखी शादी को देखने के लिए मंदिर में स्थानीय लोग और श्रद्धालु भी एकत्र हुए। विदेशी दंपती द्वारा हिंदू रीति-रिवाज अपनाकर विवाह रचाने की घटना शहर में चर्चा का विषय बन गई। लोगों ने इसे प्रेम और संस्कृतियों के मेल का सुंदर उदाहरण बताया।
सम्मान व आस्था के साथ हर परंपरा
यह विवाह समारोह न केवल दो व्यक्तियों के जीवन का महत्वपूर्ण क्षण रहा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारतीय संस्कृति और परंपराएं अपनी आध्यात्मिकता और मूल्यों के कारण दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करती हैं। फिलिप और सिल्विया की यह प्रेम कहानी यह संदेश देती है कि सच्चा प्रेम सीमाओं और संस्कृतियों से परे होता है, और सम्मान व आस्था के साथ हर परंपरा को अपनाया जा सकता है।