बिहार डेस्क
पटना :-15 दिसंबर को पटना में आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने यूनानी चिकित्सा की नवनियुक्त डॉक्टर नुसरत परवीन (या नुसरत प्रवीण) का हिजाब (नकाब) नीचे खींच दिया। वीडियो में दिखा कि नीतीश ने “ये क्या है?” कहते हुए हिजाब हटाया, जिससे विवाद शुरू हो गया। विपक्ष ने इसे महिलाओं की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे अनावश्यक विवाद कहा।
घटना के बाद 16-18 दिसंबर तक कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि “नुसरत आहत हैं, बिहार छोड़कर कोलकाता अपने परिवार के पास चली गईं, और सरकारी नौकरी जॉइन नहीं करेंगी। उनके परिवार और भाई के हवाले से खबरें आईं कि वे मानसिक तनाव में हैं और अपमान महसूस कर रही हैं।
सहेली और प्रिंसिपल का ताजा दावा
19 दिसंबर की ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले में नया मोड़ आया है। नुसरत की सहेली और बैचमेट बिलकिस (या बिल्किस परवीन) ने दावा किया है कि “नुसरत इस घटना से नाराज नहीं हैं और वे नौकरी जॉइन करने को तैयार हैं। बिलकिस के मुताबिक, नुसरत गुरुवार या शनिवार (20 दिसंबर) को सरकारी तिब्बी कॉलेज में ड्यूटी जॉइन करेंगी।
“नुसरत नाराज नहीं वे जल्दी नौकरी जॉइन करेंगी”
पटना के तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल महफूज रहमान ने भी पुष्टि की कि ‘नुसरत नाराज नहीं हैं और वे जल्दी नौकरी जॉइन करेंगी। प्रिंसिपल ने बिलकिस से बात के आधार पर यह जानकारी दी और कहा कि अनावश्यक तूल दिया गया है। ये दावे कई न्यूज सोर्स में समान हैं, जिससे लगता है कि “नुसरत या उनके करीबियों ने मन बदल लिया है या पहले की खबरें अतिरंजित थीं।
नुसरत के नौकरी जॉइन करने की संभावना मजबूत बताई जा रही है, और विवाद थमने के संकेत हैं। हालांकि, नुसरत का खुद का कोई प्रत्यक्ष बयान नहीं आया है – सारे दावे सहेली और प्रिंसिपल के माध्यम से हैं।