सरल डेस्क
अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस में इमिग्रेशन एजेंट्स की कथित मनमानी के विरोध में प्रदर्शन उग्र हो चुके हैं। इसे देखते हुए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा कि वह वहां इंसरेक्शन एक्ट (विद्रोह अधिनियम) लागू कर देंगे। इसके साथ ही उन्होंने सेना भेजनी की धमकी भी दी।
राष्ट्रपति ट्रंप की यह धमकी तब आई है जब एजेंट ने एक अमेरिकी व्यक्ति के पैर पर गोली मार दी और उसके बाद मिनेसोटा शहर में रात भर विरोध प्रदर्शन हुए। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने कहा कि एक अधिकारी ने तब गोली चलाई जब तीन वेनेजुएला के नागरिकों ने उस पर फावड़े और झाड़ू के हैंडल से हमला किया।
अमेरिका के अंदर कानून लागू
पिछले हफ्ते एक इमिग्रेशन एजेंट द्वारा 37 साल की रेनी निकोल गुड को गोली मारकर हत्या करने के बाद से मिनियापोलिस में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इसके बाद से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इंसरेक्शन एक्ट 19वीं सदी का एक कानून है जो अमेरिका के अंदर कानून लागू करने के लिए एक्टिव-ड्यूटी मिलिट्री कर्मियों को तैनात करने की इजाजत देता है। ट्रंप ने पहले कहा था कि वह 1807 के कानून का इस्तेमाल कहीं और कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा कभी किया नहीं है।
उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि अगर मिनेसोटा के अधिकारी आंदोलनकारियों और विद्रोहियों को रोकने में नाकाम रहे तो वह कानून का इस्तेमाल करेंगे। हाल के हफ्तों में मिनेसोटा में लगभग 3,000 अधिकारियों को तैनात किया गया है। वहीं, मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने बुधवार को एक्स पर कहा, “इस घटना की वजह कुछ भी रही हो, हमारे शहर में हम जो स्थिति देख रहे हैं, वह ठीक नहीं है।”