प्रकाश मेहरा
स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली: वैश्विक आईटी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कुल कर्मचारियों का लगभग 2.1 प्रतिशत यानी करीब 4,800 कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला किया है। कंपनी ने कहा है कि यह कदम तेजी से बदलते तकनीकी माहौल और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है।
एक्सबॉक्स डिवीजन पर पड़ेगा सबसे अधिक प्रभाव
कंपनी की री-स्ट्रक्चरिंग का सबसे बड़ा असर एक्सबॉक्स डिवीजन पर पड़ेगा। इसके तहत तत्काल प्रभाव से 1,600 से अधिक नौकरियां समाप्त की जाएंगी। इसके अलावा अगले एक वर्ष के दौरान 1,600 और पदों को खत्म करने की योजना बनाई गई है।
हाल ही में एक्सबॉक्स की सीईओ बनीं आशा शर्मा ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा कि कंपनी “एक्सबॉक्स के इतिहास के सबसे बड़े पुनर्गठन (री-स्ट्रक्चरिंग) की शुरुआत कर रही है।”
चार गेम डेवलपमेंट स्टूडियो होंगे अलग
री-स्ट्रक्चरिंग के तहत एक्सबॉक्स के चार प्रमुख गेम डेवलपमेंट स्टूडियो—कंप्लशन गेम्स, डबल फाइन प्रोडक्शंस, निन्जा थ्योरी और अनडेड लैब्स—को भी अलग किया जाएगा।
कंपनी ने क्या कहा ?
माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एमी कोलमैन ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा कि कंपनी को उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना होगा, जहां ग्राहकों को अधिक मूल्य और बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें।
वहीं, आशा शर्मा ने कहा, “ये बदलाव एक्सबॉक्स को छोटा करने के लिए नहीं, बल्कि उसके और बड़े भविष्य की तैयारी के लिए किए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां कंपनियों ने यह मान लिया कि लंबे समय तक बने रहना ही उनके भविष्य की गारंटी है। हम ऐसी गलती नहीं करेंगे।”
क्यों अहम है यह फैसला ?
विशेषज्ञों का मानना है कि माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति, लागत में कटौती और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तथा नई तकनीकों में निवेश बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।