एमपी डेस्क
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रि-परिषद (कैबिनेट) बैठक में निर्णय लिया गया कि अब तलाकशुदा बेटियां भी माता-पिता की परिवार पेंशन (Family Pension) की पात्र होंगी। सरकार का कहना है कि यह फैसला महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहारा देने की दिशा में बड़ा कदम है।
क्या है नया नियम ?
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब अगर किसी सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी की बेटी तलाकशुदा है और वह अपने जीवनयापन के लिए माता-पिता पर निर्भर है, तो उसे परिवार पेंशन का लाभ मिल सकेगा। अब तक नियमों में तलाकशुदा बेटियों को लेकर कई मामलों में अस्पष्टता थी, जिसके कारण कई महिलाओं को पेंशन का लाभ नहीं मिल पाता था। सरकार ने नियमों में संशोधन कर इसे स्पष्ट कर दिया है।
क्यों लिया गया यह फैसला ?
मध्य प्रदेश सरकार का मानना है कि तलाक के बाद कई बेटियां आर्थिक रूप से कमजोर हो जाती हैं और उन्हें परिवार से ही सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में परिवार पेंशन का अधिकार मिलने से उन्हें आर्थिक स्थिरता और सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलेगी। सरकार ने इसे महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच की तरह बताया है।
किसे मिलेगा लाभ ?
इस फैसले का लाभ उन तलाकशुदा बेटियों को मिलेगा जो तलाक के बाद अविवाहित स्थिति में हैं। माता-पिता पर आर्थिक रूप से निर्भर हैं।परिवार पेंशन के नियमों के अनुसार पात्रता की शर्तें पूरी करती हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम
राज्य सरकार ने कहा कि यह निर्णय महिला अधिकारों को मजबूत करने और समाज में महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे तलाकशुदा महिलाओं को सिर्फ आर्थिक सहारा नहीं मिलेगा, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सुरक्षा में भी वृद्धि होगी।
कब से लागू होगा फैसला ?
कैबिनेट के फैसले के बाद अब संबंधित विभाग द्वारा पेंशन नियमों में औपचारिक संशोधन कर आदेश जारी किए जाएंगे। इसके बाद यह नियम प्रदेशभर में लागू होगा। मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय उन महिलाओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है जो तलाक के बाद आर्थिक संकट का सामना करती हैं। परिवार पेंशन का अधिकार मिलने से तलाकशुदा बेटियों को सरकारी संरक्षण और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिलेगा।