सरल डेस्क
नई दिल्ली:- उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी (उम्र 34 वर्ष) से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित बैंक लोन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की है। यह पूछताछ शुक्रवार (19 दिसंबर 2025) को शुरू हुई और शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। मामला रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) की कंपनियों से जुड़ा है, जिसमें यस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से लिए गए लोन में अनियमितताओं का आरोप है।
यस बैंक से लोन में धोखाधड़ी
यह मामला अनिल अंबानी की रिलायंस ADAG ग्रुप की कंपनियों से संबंधित है, जिनमें मुख्य रूप से रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL), रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस पावर और रिलायंस वैल्यू सर्विसेज शामिल हैं। ED की जांच मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही है, जो यस बैंक से लिए गए लोन में धोखाधड़ी पर आधारित है।
31 मार्च 2017 तक यस बैंक ने ADAG ग्रुप को लगभग 6,000 करोड़ रुपये का लोन दिया था। एक साल में यह राशि दोगुनी होकर 31 मार्च 2018 तक 13,000 करोड़ रुपये पहुंच गई। ED को शक है कि इन लोन में फ्रॉड हुआ और फंड को गलत तरीके से डायवर्ट किया गया। इनमें से बड़ा हिस्सा गैर-निष्पादित निवेश (NPI) या एनपीए में बदल गया, जिससे बैंक को करीब 3,300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
CBI का हालिया केस
9 दिसंबर को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने जय अनमोल अंबानी और RHFL के खिलाफ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 228.06 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। यह लोन जनरल पर्पज कॉर्पोरेट लोन के नाम पर लिए गए थे, लेकिन नियमों के खिलाफ अन्य जगहों पर डायवर्ट किए गए। यह पहली बार है जब जय अनमोल किसी बड़े आपराधिक मामले में सीधे आरोपी बने हैं।
अनिल अंबानी से पूछताछ की
अनिल अंबानी से खुद ED ने पहले पूछताछ की थी। ED ने यस बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर से भी इस मामले में पूछताछ की, जहां अनिल अंबानी ग्रुप पर 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के पब्लिक फंड के दुरुपयोग का आरोप है। ED ने अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों की कुल 10,117 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं, जिसमें मुंबई के बॉलार्ड एस्टेट में रिलायंस सेंटर, नवी मुंबई में 132 एकड़ जमीन, पाली हिल का घर, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), बैंक बैलेंस और अनलिस्टेड निवेश शामिल हैं। इनमें से RHFL और RCFL की 8,997 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां फ्रीज की गई हैं।
ED की पूछताछ कब और कहां हुई !
ED ने दिल्ली में शुक्रवार (19 दिसंबर) को जय अनमोल अंबानी से पूछताछ शुरू की। यह PMLA के तहत उनका बयान दर्ज करने के लिए थी। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। ED ने दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें लोन के उपयोग और फंड ट्रांसफर पर फोकस था।
ED और CBI ने अनिल अंबानी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है। ED ने 40 से ज्यादा संपत्तियां अटैच कीं, जिनमें रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की 7, रिलायंस पावर की 2 और रिलायंस वैल्यू सर्विसेज की 9 संपत्तियां शामिल हैं। अन्य कंपनियां जैसे रिलायंस वेंचर एसेट मैनेजमेंट और फाई मैनेजमेंट सॉल्यूशंस के FD भी फ्रीज किए गए।
इसमें शामिल पार्टियां
जय अनमोल अंबानी मुख्य जांच का विषय, RHFL के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर। अनिल अंबानी ADAG ग्रुप के चेयरमैन, पहले से पूछताछ का सामना कर चुके। यस बैंक (मुख्य लोन प्रोवाइडर) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (228 Cr फ्रॉड का शिकार)। RHFL, RCFL, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस पावर, आदि। ED (मनी लॉन्ड्रिंग) और CBI (धोखाधड़ी)।
ED ने कहा कि पूछताछ जांच का हिस्सा है और कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। जय अनमोल का बयान दर्ज किया गया, लेकिन कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया। अनिल अंबानी ग्रुप की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। जांच जारी है, और आगे की पूछताछ या कार्रवाई की संभावना है। CBI के केस में और गवाहों से पूछताछ हो सकती है। यह मामला अनिल अंबानी ग्रुप की वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करता है, जो सालों से जांच के घेरे में है।