अनिल गुप्ता
स्पेशल डेस्क
दिल्ली:- साल 2025 के समापन और नववर्ष 2026 के स्वागत को लेकर देश-दुनिया में जहाँ उत्साह और उमंग का माहौल है, वहीं इस्कॉन द्वारका मंदिर में नए साल का स्वागत आध्यात्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण में किया जाएगा। मंदिर प्रशासन द्वारा नववर्ष के अवसर पर विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियाँ की गई हैं।
श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश के दर्शन से होगी नए साल की शुरुआत
नववर्ष के पहले दिन भक्तजन श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश के दिव्य दर्शन के साथ वर्ष 2026 का शुभारंभ करेंगे। 1 जनवरी को प्रातः 10 बजे अमेरिका से पधारी ग्रैमी अवॉर्ड नामांकित गौर मणि माताजी अपनी कीर्तन मंडली के साथ हरे कृष्ण महामंत्र का भव्य कीर्तन प्रस्तुत करेंगी। इसके पश्चात दोपहर में वरिष्ठ भक्तों की मंडली द्वारा कीर्तन होगा। यह कीर्तन पूरे दिन चलता रहेगा।
56 भोग, विशेष आरती और नए संकल्प
इस पावन अवसर पर भगवान को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। भक्तजन स्वयं भी भव्य प्रसाद अर्पित कर सकते हैं। मंदिर में दर्शनार्थियों के लिए विशेष आरती की व्यवस्था की गई है, जिसमें श्रद्धालु नए साल के हर दिन और हर पल को शुभ बनाने की प्रार्थना कर सकते हैं। भक्त इस अवसर पर नए संकल्प (रिज़ोल्यूशन) भी लेंगे—पुरानी नकारात्मक आदतों को त्यागने, अच्छे गुण अपनाने और कृष्ण चेतना में आगे बढ़ने का संकल्प करेंगे। हजारों श्रद्धालु अपने-अपने संकल्पों के साथ नववर्ष का स्वागत करेंगे।
भागवत कथा सत्र का आयोजन
1 जनवरी को प्रातः 8 बजे भागवत कथा सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें नववर्ष के उपलक्ष्य में जीवन से जुड़े प्रासंगिक विषयों पर चर्चा होगी। इस सत्र में यह बताया जाएगा कि नए साल की सही शुरुआत कैसे पूरे वर्ष को आनंद और सकारात्मकता से भर सकती है।
नववर्ष की पूर्व संध्या पर विशेष रात्रि कीर्तन
नववर्ष की पूर्व संध्या पर इस्कॉन द्वारका मंदिर में आधी रात तक अमल कृष्ण दास द्वारा ‘बैरी-वैरी कीर्तन कॉन्सर्ट’ आयोजित किया जाएगा। इस दिन पुत्रदा एकादशी भी है और एकादशी के दिन रात्रि कीर्तन का विशेष महत्व माना जाता है। कीर्तन और नृत्य का यह संगम भक्तों के लिए विशेष रूप से उत्साहवर्धक होगा।
पुस्तक वितरण और सेल्फी प्वाइंट
इस अवसर पर भक्तजन पुस्तक वितरण में भी भाग ले सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेकर श्रद्धालु अपने मित्रों और परिजनों को भगवद्गीता उपहार स्वरूप भेंट कर सकते हैं, जैसे हाल ही में प्रधानमंत्री ने रूस के राष्ट्रपति को रूसी भाषा में प्रकाशित भगवद्गीता भेंट की थी। इसके अलावा मंदिर परिसर में बने सेल्फी प्वाइंट पर श्रद्धालु तस्वीरें लेकर नए साल की यादों को खास बना सकते हैं।