स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने खांसी की दवाओं और अन्य सिरप की बिक्री को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ड्रग्स नियमों में संशोधन करते हुए छोटे गांवों में बिना लाइसेंस वाली दुकानों पर कफ़ सिरप की बिक्री की छूट समाप्त कर दी है। नए नियम के तहत अब खांसी की सिरप सहित सभी प्रकार की सिरप दवाएं केवल लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोरों से ही बेची जा सकेंगी।
मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करते हुए अनुसूची ‘K’ के एक प्रावधान से ‘सिरप’ शब्द को हटा दिया गया है। अनुसूची ‘K’ के अंतर्गत कुछ दवाओं को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और उससे जुड़े नियमों के कुछ प्रावधानों से छूट प्राप्त थी।
अब तक 1,000 से कम आबादी वाले गांवों में कुछ दवाएं, जिनमें कफ़ सिरप भी शामिल थीं, बिना लाइसेंस वाली दुकानों पर बेची जा सकती थीं। हालांकि, सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त करते हुए दवाओं की बिक्री पर नियंत्रण और निगरानी को और सख्त करने का फैसला लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ कफ़ सिरप में ऐसे तत्व होते हैं जिनका दुरुपयोग किए जाने की आशंका रहती है। ऐसे में सरकार का यह कदम दवाओं के दुरुपयोग को रोकने और सुरक्षित वितरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नए नियम लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी खांसी की सिरप और अन्य सिरप आधारित दवाओं की खरीद के लिए लोगों को लाइसेंस प्राप्त मेडिकल दुकानों का ही रुख करना होगा। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से दवा वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी तथा मरीजों को उचित चिकित्सकीय सलाह के साथ दवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय के इस फैसले को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने और दवाओं की अनियंत्रित बिक्री पर रोक लगाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।