दिल्ली डेस्क
नई दिल्ली:- अंतर्राष्ट्रीय ए.आई. समिट में कथित विरोध प्रदर्शन को लेकर राजधानी दिल्ली में राजनीतिक तापमान बढ़ गया। Bharatiya Janata Party की दिल्ली इकाई ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर विराट रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष Virendra Sachdeva ने किया, जिसमें हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
ए.आई.समिट विवाद पर भाजपा का आरोप
भाजपा नेताओं का आरोप है कि अंतर्राष्ट्रीय ए.आई. समिट जैसे महत्वपूर्ण मंच पर कांग्रेस समर्थकों द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन देश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचाने का प्रयास था। पार्टी का कहना है कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि भारत राष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर रहा था।
प्रदेश अध्यक्ष Virendra Sachdeva ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ए.आई. समिट में विरोध करना “राष्ट्रहित के विरुद्ध” है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की उपलब्धियों को कमतर दिखाने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, जब विश्व भारत की तकनीकी प्रगति और डिजिटल नेतृत्व को स्वीकार कर रहा है, तब इस प्रकार का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
प्रदर्शन के दौरान जब कार्यकर्ता दूसरे बैरिकेड्स की ओर बढ़े, तो दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें रोका। लगभग 1000 कार्यकर्ताओं सहित कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेकर तुगलक रोड थाने ले जाया गया। बाद में सभी को चेतावनी देकर रिहा कर दिया गया।
मनोज तिवारी का बयान
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद Manoj Tiwari ने भी प्रदर्शन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ए.आई. समिट में हुई घटना सामान्य नहीं थी और इससे कांग्रेस की “राजनीतिक हताशा” उजागर होती है। उनका दावा था कि 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि इस समिट में शामिल हुए थे, और ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर विरोध प्रदर्शन भारत की छवि को प्रभावित करता है।
अन्य नेताओं की मौजूदगी
प्रदर्शन में सांसद, विधायक, निगम पार्षद और विभिन्न पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक राजकुमार भाटिया ने किया। कई जिला अध्यक्षों और महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी की राजनीति में एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव को तेज कर दिया है। हालांकि कांग्रेस की ओर से इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।