सरल डेस्क
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांशीराम की जयंती को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इशारों-इशारों में चंद्रशेखर आजाद पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “सपा-कांग्रेस के दलित चमचे चुप रहें” और बहुजन आंदोलन की असली विरासत को कमजोर करने की कोशिश न करें।
मायावती ने समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कांग्रेस केंद्र की सत्ता में थी, तब वह कांशीराम को भारत रत्न नहीं दिला सकी। अब वही दल दूसरी सरकारों से इसकी मांग कर रहे हैं, जो उनकी नीयत पर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने बिना नाम लिए चंद्रशेखर आजाद के हालिया कार्यक्रम पर भी तंज कसा। गौरतलब है कि आजाद ने कांशीराम जयंती के मौके पर उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक बड़ी रैली का आयोजन किया था, जिसे लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है।
मायावती ने कहा कि कुछ लोग बहुजन समाज के नाम पर राजनीतिक स्वार्थ साधने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता अब सब समझती है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बहुजन आंदोलन की विचारधारा को मजबूती से आगे बढ़ाएं और विरोधियों के बहकावे में न आएं।