प्रकाश मेहरा | स्पेशल डेस्क
चेन्नई। लेखक चंदन कुमार की पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और उनके समर्पण पर आधारित पुस्तक “समर्पण: दीनदयाल उपाध्याय” के तमिल और अंग्रेज़ी संस्करण का गुरुवार शाम चेन्नई के भारतीय विद्या भवन, मायलापुर में आयोजित एक भव्य समारोह में विमोचन किया गया। इस अवसर पर अरविंद मेनन, नैनार नागेंद्रन, वनाथी श्रीनिवासन तथा पूर्व पुलिस महानिदेशक के. वी. एस. गोपालकृष्णन सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
त्याग, समर्पण और समाज
लेखक चंदन कुमार ने बताया कि यह पुस्तक अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के त्याग, समर्पण और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के उनके विचारों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में उनके जीवन के कई अनछुए पहलुओं को सामने लाने का प्रयास किया गया है।
समारोह में मौजूद विशिष्ट अतिथियों ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह कृति देश में लोककल्याणकारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की समझ को जन-जन तक पहुँचाने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही युवाओं में त्याग, समर्पण और सादा जीवन-उच्च विचार की भावना को भी मजबूत करेगी।
समाज में जनकल्याण की भावना
तमिलनाडु भाजपा प्रभारी अरविंद मेनन ने कहा कि यह पुस्तक युवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने की सोच को समझने में मदद करेगी। वहीं तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने उम्मीद जताई कि इस पुस्तक के माध्यम से समाज में जनकल्याण की भावना और अधिक मजबूत होगी।
उल्लेखनीय है कि पुस्तक के हिंदी संस्करण का विमोचन 11 फरवरी को नई दिल्ली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि “समर्पण दिवस” के अवसर पर किया गया था। इसे देशभर में व्यापक सराहना मिली। बढ़ती मांग को देखते हुए अब इसके तमिल और अंग्रेज़ी संस्करण भी प्रकाशित किए गए हैं।