दिल्ली डेस्क
दिल्ली सरकार (भाजपा सरकार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता) का आगामी बजट या हालिया घोषणाओं में गरीबों और झुग्गीवासियों के कल्याण पर विशेष फोकस है। यह खबर मुख्य रूप से दिल्ली सरकार के एक साल पूरे होने पर जारी रिपोर्ट कार्ड और आगामी बजट की तैयारी से जुड़ी है, जहां झुग्गी पुनर्वास और खाद्य सुरक्षा जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
झुग्गीवासियों के लिए 13,000 फ्लैट
सरकार ने झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास के लिए ₹700 करोड़ का अलग बजट आवंटित किया है। पहले चरण में सावदा घेवरा, भलस्वा, द्वारका और सुल्तानपुरी जैसे क्षेत्रों में लगभग 13,000 फ्लैट तैयार किए जा रहे हैं या नवीनीकरण किया जा रहा है, जिन्हें जल्द ही झुग्गीवासियों को आवंटित किया जाएगा। ये फ्लैट पहले से बने हुए हैं लेकिन वर्षों से खाली पड़े थे, अब इन्हें आधुनिक सुविधाओं (बिजली, पानी, शौचालय, सीवर, पार्क आदि) के साथ तैयार किया जा रहा है। लक्ष्य है कि दिल्ली के सभी झुग्गीवासियों को पक्के मकान मिलें।
अटल कैंटीन का विस्तार
यह योजना गरीबों, मजदूरों और जरूरतमंदों को ₹5 में भरपेट पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है (अटल बिहारी वजपेयी की जयंती पर आधारित)। शुरू में 100 कैंटीन की योजना थी, लेकिन अब विस्तार हो रहा है। वर्तमान में 70 से अधिक कैंटीन चल रही हैं, जो रोजाना 26,000 से 50,000+ लोगों को भोजन दे रही हैं। सरकार का लक्ष्य 100 कैंटीन तक पहुंचना है, ताकि रोजाना 1 लाख भोजन उपलब्ध हों। पिछले कुछ महीनों में लाखों भोजन परोसे जा चुके हैं, खासकर झुग्गी क्षेत्रों, निर्माण स्थलों और गरीब इलाकों में।
दिल्ली सरकार के एक साल के कार्यकाल
यह घोषणाएं दिल्ली सरकार के एक साल के कार्यकाल (फरवरी 2026 में पूरा हुआ) की रिपोर्ट और आगामी बजट (2026-27 या संबंधित) की तैयारी से जुड़ी हैं। सरल न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स में इसे “गरीबों के लिए खास बजट” बताया गया है, जिसमें असंगठित श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं, बहुमंजिला टावर निर्माण आदि भी शामिल हो सकते हैं। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प से प्रेरित हैं, और पूर्व सरकार की कथित उदासीनता पर भी टिप्पणी की गई है। कुल मिलाकर, फोकस गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और गरिमामय आवास पर है।