बिहार डेस्क
आरा:- भोजपुरी सिनेमा अभिनेता खेसारी लाल यादव सोमवार की दोपहर भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने कथित मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी के स्वजन से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने मृतक की मां आशा देवी समेत अन्य स्वजन को ढांढस बंधाया और कहा कि न्याय की इस लड़ाई में वह परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।खेसारी लाल यादव ने स्वजन से बातचीत के दौरान कहा कि न्याय की मांग पूरी मजबूती के साथ उठाई जानी चाहिए, लेकिन आंदोलन का उद्देश्य केवल सच को सामने लाना होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “आंदोलन जारी रखिए, लेकिन अनावश्यक रूप से यहां सिर्फ भीड़ लगाकर विशेष केंद्र बनने की कोशिश मत कीजिए। न्याय सिर्फ होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ भी दिखना चाहिए और इसके लिए संयम जरूरी है।”
उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी जिन जवइनिया के विस्थापितों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे, यदि जनप्रतिनिधि उनकी मांगों को पूरा कर दें तो वही उनके प्रति सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “एक मां को उसका बेटा कोई वापस नहीं लौटा सकता।”
खेसारी लाल यादव के गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक वहां जुट गए। उन्होंने स्वजन की बातें गंभीरता से सुनीं और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में सत्य सामने आना चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
गौरतलब है कि 17 जून को बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में है। स्वजन इस घटना को फर्जी एनकाउंटर बता रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान भरत ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में कार्रवाई की गई।
मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन और जनसमर्थन देखने को मिल रहा है।अभिनेता के इस दौरे के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोकप्रिय भोजपुरी कलाकार के पीड़ित परिवार से मिलने से न्याय की मांग को और मजबूती मिलेगी।