‘मन जन गण मन गाएगा’ बना विश्वभर में बसे भारतीयों की राष्ट्रभक्ति का स्वर, प्रवासी भारतीयों से मातृभूमि को ज्ञान और अनुभव लौटाने की अपील
अनिल गुप्ता
दिल्ली डेस्क
नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में LIPI Europe (Literary Intellectuals and Poets of Indian Origin, Europe) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम ‘India Beyond Borders – A Patriotic Tribute by Global Indian Diaspora to Bharat’ में भारतीय संस्कृति, साहित्य, राष्ट्रप्रेम और वैश्विक भारतीय समुदाय की भावनात्मक एकता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम में देशभक्ति गीत ‘मन जन गण मन गाएगा’ का लोकार्पण किया गया, वहीं बर्लिन निवासी 14 वर्षीय युवा लेखिका समृद्धि जैन की पहली अंग्रेजी पुस्तक ‘The Colors Behind the Rainbow’ का भी विमोचन हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के केंद्रीय पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन तथा पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने डॉ. योजना साह जैन द्वारा लिखित, संगीतबद्ध, निर्देशित एवं निर्मित देशभक्ति गीत ‘मन जन गण मन गाएगा’ का आधिकारिक लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि विश्वभर में बसे करोड़ों भारतीयों की मातृभूमि के प्रति भावनाओं, राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त स्वर है। संस्कृति जब सीमाएं पार करती है, तब राष्ट्र का सम्मान बढ़ता है।”
प्रवासी भारतीयों से मातृभूमि के लिए योगदान की अपील
केंद्रीय मंत्री ने विदेशों में बसे भारतीयों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से विदेशों में भारत का गौरव बढ़ाया है। अब समय है कि वे अपने ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य का एक हिस्सा मातृभूमि को भी लौटाएं।
उन्होंने कहा, “देश ने आपको बहुत कुछ दिया है, अब आपकी भी बारी है कि राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।” उन्होंने कहा कि ‘मन जन गण मन गाएगा’ जैसे सांस्कृतिक अभियान भारत की सॉफ्ट पावर को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और भारतीय संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने इस पहल के लिए डॉ. योजना साह जैन और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।
विदेश में रहकर भारतीयता को जीवंत रखना सबसे बड़ी देशभक्ति : रमेश अवस्थी
कानपुर लोकसभा सांसद श्री रमेश अवस्थी ने कहा कि भारत से हजारों किलोमीटर दूर रहकर भी भारतीयता को जीवंत रखना अपने आप में सबसे बड़ी देशभक्ति है। उन्होंने कहा, “जो लोग विदेशों में रहकर भारत की संस्कृति, भाषा, परंपराओं और राष्ट्र गौरव को दुनिया तक पहुंचा रहे हैं, वे वास्तव में भारत के सांस्कृतिक राजदूत हैं। ऐसे व्यक्तित्व हम सभी के लिए प्रेरणा हैं और हमें उन पर गर्व है।”
संस्कृति ही भारतीयों को एक सूत्र में बांधती है : पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा
प्रख्यात हास्य कवि एवं पद्मश्री सम्मानित सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि विदेशों में भारतीयों की पहचान उनकी संस्कृति और राष्ट्रीयता से होती है। उन्होंने कहा, “जब हम विदेश जाते हैं तो कोई हमारी जाति या धर्म नहीं पूछता, दुनिया हमें केवल भारतीय के रूप में पहचानती है। हमारी संस्कृति ही वह शक्ति है जो हम सभी को एक सूत्र में बांधती है।”
‘India Beyond Borders’ भारतीय भावनाओं का उत्सव : डॉ. योजना साह जैन
LIPI Europe की अध्यक्ष, जर्मनी निवासी वैज्ञानिक, साहित्यकार एवं सांस्कृतिक क्यूरेटर डॉ. योजना साह जैन ने कहा कि विदेश में रहने के बावजूद उनका हृदय हमेशा भारत के लिए धड़कता है।
उन्होंने कहा, “India Beyond Borders विश्वभर में बसे भारतीयों की मातृभूमि के प्रति अटूट भावनाओं का उत्सव है। हमारा उद्देश्य साहित्य, संगीत और संस्कृति के माध्यम से भारत को विश्व से जोड़ना है।”
‘मन जन गण मन गाएगा’ का आधिकारिक संगीत वीडियो हुआ रिलीज
कार्यक्रम के दौरान ‘मन जन गण मन गाएगा’ के आधिकारिक संगीत वीडियो का भी संयुक्त रूप से लोकार्पण किया गया। केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, सांसद रमेश अवस्थी, पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR), विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के वरिष्ठ निदेशक श्री सुनील कुमार सिंह, डॉ. संदीप मारवाह सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने संगीत वीडियो का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि डॉ. योजना साह जैन ने विदेश में रहते हुए भी भारतीय संस्कृति, साहित्य और राष्ट्रप्रेम को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने का उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि ‘मन जन गण मन गाएगा’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि विश्वभर में बसे भारतीयों के हृदय की आवाज है, जो भारत के प्रति प्रेम, गौरव और सांस्कृतिक एकता का संदेश देती है।
14 वर्षीय समृद्धि जैन की पुस्तक का विमोचन
समारोह में बर्लिन निवासी 14 वर्षीय युवा लेखिका समृद्धि जैन की पहली अंग्रेजी पुस्तक ‘The Colors Behind the Rainbow’ का भी विमोचन किया गया। अतिथियों ने समृद्धि की साहित्यिक उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम आयु में उनकी उपलब्धि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है। यह भारतीय प्रतिभा की वैश्विक पहचान और युवाओं में रचनात्मकता का भी प्रतीक है।
LIPI Europe Awards 2026 से विशिष्ट हस्तियों का सम्मान
कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ पत्रकार डॉ. ओ.पी. यादव ने किया, जबकि डॉ. ओ.पी. यादव एवं शीना खंडेलवाल ने प्रभावी मंच संचालन किया। समारोह के दौरान मीडिया, साहित्य, संस्कृति, शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक विशिष्ट व्यक्तित्वों को LIPI Europe Awards 2026 से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह में राष्ट्रप्रेम, भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और विश्वभर में बसे भारतीयों को एक भावनात्मक एवं सांस्कृतिक सूत्र में जोड़ने का संदेश प्रमुखता से उभरा।