स्पेशल डेस्क
दिल्ली और गुरुग्राम के बीच बढ़ती यात्री संख्या तथा यातायात दबाव को देखते हुए एक नए मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रस्तावित मेट्रो लाइन दिल्ली के यशोभूमि (द्वारका सेक्टर-25) से गुरुग्राम के व्यस्त राजीव चौक तक बनाई जाएगी। इस परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) ने केंद्रीय शहरी आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेज दी है।
मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। यह कॉरिडोर तैयार होने पर दिल्ली और गुरुग्राम के बीच मेट्रो संपर्क के तीन प्रमुख मार्ग उपलब्ध हो जाएंगे, जिससे लाखों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
गुरुग्राम को मिलेगी तीसरी मेट्रो कनेक्टिविटी
वर्तमान में दिल्ली से गुरुग्राम के बीच मेट्रो सेवा दिल्ली मेट्रो येलो लाइन के माध्यम से मिलेनियम सिटी सेंटर तक संचालित हो रही है। वहीं, दूसरे मेट्रो विस्तार परियोजना पर भी कार्य जारी है।
पहले चरण में गुरुग्राम मेट्रो को मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक विस्तारित किया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की ओर है। इसके बाद दूसरे चरण में सेक्टर-21 होते हुए इफको चौक तक मेट्रो नेटवर्क को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली के द्वारका क्षेत्र से गुरुग्राम के सेक्टर-21 तक मेट्रो विस्तार को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
राजीव चौक को मिलेगा बड़ा लाभ
गुरुग्राम का राजीव चौक गुरुग्राम शहर का सबसे महत्वपूर्ण यातायात केंद्र माना जाता है। यहां प्रतिदिन लाखों लोग आवागमन करते हैं। नए मेट्रो रूट के शुरू होने से यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और दिल्ली तथा गुरुग्राम के बीच यात्रा अधिक सुविधाजनक और तेज हो जाएगी।
रोजाना 1.25 से 1.50 लाख यात्रियों के सफर का अनुमान
डीएमआरसी के प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस नए मेट्रो कॉरिडोर पर प्रतिदिन लगभग 1.25 लाख से 1.50 लाख यात्री सफर कर सकते हैं। इससे सड़क यातायात का दबाव कम होगा और दोनों शहरों के बीच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मनोहर लाल की पहल पर आगे बढ़ी योजना
इस परियोजना की पहल हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय शहरी आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की थी। बताया जा रहा है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सुझाव के बाद इस नए मेट्रो रूट को लेकर गंभीरता से कार्य शुरू किया गया।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यशोभूमि-राजीव चौक मेट्रो कॉरिडोर न केवल दिल्ली और गुरुग्राम के बीच आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि आसपास के आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को भी गति देगा। यह परियोजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बेहतर और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।