सरल डेस्क
भारतीय टीम और दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज केएल राहुल ने कहा है कि करियर की शुरुआत में उन्हें कभी भी टी20 का बल्लेबाज नहीं माना गया था, लेकिन अब उन्होंने ये सोच बदल दी है जिससे वह काफी खुश हैं। राहुल ने कहा कि लंबे समय तक सीमित ओवरों में उनकी स्ट्राइक रेट को लेकर काफी आलोचना होती थी।
हालांकि, अब उन्होंने काफी हद तक अपने आलोचकों का मुंह बंद किया है। उनकी पंजाब के खिलाफ खेली गई 64 गेंदों पर 152 रनों की पारी ने सभी को हैरान कर दिया था। राहुल ने आईपीएल-2026 में ये पारी खेली थी। वह इस लीग में 150 का आंकड़ा करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने थे।
सफेद गेंद के खेल को सुधारना
राहुल साल 2022 से भारत की टी-20 टीम का हिस्सा नहीं हैं। वह वनडे और टेस्ट खेल रहे हैं। जियोस्टार पर बात करते हुए राहुल ने कहा, “दस साल पहले, मैंने टी20 टीम का हिस्सा बनने के लिए सब कुछ किया। मुझे कभी भी टी20 खिलाड़ी नहीं बताया गया, बल्कि मुझे तो सफेद गेंद का अच्छा खिलाड़ी ही नहीं बताया गया। मुझे टेस्ट खिलाड़ी का तमगा दे दिया गया था।”
उन्होंने कहा, “इसलिए इस ढांचे को तोड़ना, अपने सफेद गेंद के खेल को सुधारना और यहां तक पहुंचना। ये ऐसी चीज है जिस पर मुझे काफी गर्व है। इस रास्ते में मैंने गलतियां भी की होंगी और कुछ ऐसी चीजें थीं जिन्हें मैं बेहतर कर सकता था।”
करियर में काफी उतार-चढ़ाव
राहुल ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में काफी उतार-चढ़ाव देखे और जब भी टीम का प्रतिनिधत्व करने का मौका मिला तो हमेशा अपना बेस्ट देने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “लेकिन जिस बात पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है वो ये है कि मैं जब भी खेला मैंने अपना बेस्ट दिया। मैंने तैयारी भी ऐसे कि मैं अपने आप को सफल होने का सर्वश्रेष्ठ मौका दे रहा हूं।”
राहुल ने कहा कि उन्होंने इस दौरान सीखा कि बुरे समय में कैसे अपने नजरिए को बनाए रखें। उन्होंने कहा, “आपको अपने हक में फैसले लेने होते हैं और सफर का लुत्फ उठाना होता है। मैं जब भी इस बात को लेकर निराश होता हूं कि मैं क्या हासिल नहीं कर सका तो मैं अपने आप को वो याद दिलाता हूं जो मैंने हासिल किया है।”