अनिल गुप्ता
नई दिल्ली
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने सतत शहरी स्वच्छता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए काका नगर को अपनी छठी “अनुपम कॉलोनी” घोषित किया है। इसके साथ ही काका नगर दिल्ली की पहली आवासीय कॉलोनी बन गई है, जहाँ पूरी तरह यांत्रिक एवं धूल-रहित सफाई प्रणाली लागू की गई है।
इसकी औपचारिक घोषणा एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा ने की। उन्होंने इस पहल को शहरी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि यह पारंपरिक मैनुअल सफाई प्रणाली से आधुनिक यांत्रिक स्वच्छता व्यवस्था की ओर एक निर्णायक परिवर्तन है।
पाँच मैकेनिकल स्वीपर और एक गॉब्लर मशीन से सफाई
एनडीएमसी के अनुसार, काका नगर में अब सफाई कार्य पाँच (05) पुश-बैक मैकेनिकल स्वीपर और एक (01) गॉब्लर मशीन के माध्यम से किया जा रहा है। इससे धूल उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आई है और वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद जताई गई है।
श्री चंद्रा ने कहा कि इस घोषणा के साथ काका नगर, एनडीएमसी क्षेत्र की उन पाँच अन्य कॉलोनियों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिन्हें पहले “अनुपम कॉलोनी” घोषित किया जा चुका है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि काका नगर में सभी सफाई कार्य पूर्णतः यांत्रिक माध्यमों से किए जा रहे हैं, जिससे यह कॉलोनी पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छता का एक आदर्श मॉडल बन गई है।
पायलट परियोजना के रूप में लागू, अन्य कॉलोनियों में भी होगा विस्तार
एनडीएमसी अध्यक्ष ने कहा, “यह पहल एनडीएमसी क्षेत्र में कॉलोनी-स्तरीय स्वच्छता के एक नए युग की शुरुआत है।” उन्होंने बताया कि यह परियोजना फिलहाल पायलट आधार पर लागू की गई है और इसकी सफलता के बाद इसे एनडीएमसी क्षेत्र की अन्य कॉलोनियों में भी लागू किया जाएगा। साथ ही एनडीएमसी पारंपरिक झाड़ू आधारित सफाई पर निर्भरता कम करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, ताकि स्वच्छ वायु और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।
12 कंपोस्टिंग राउंडर लगाए गए, खाद का वितरण भी
सलाहकार (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन), एनडीएमसी राजीव कुमार जैन ने बताया कि कॉलोनी में उत्पन्न गीले एवं बागवानी अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए विभिन्न स्थानों पर 12 वायर-मेश कंपोस्टिंग राउंडर स्थापित किए गए हैं।
तैयार जैविक खाद का उपयोग कॉलोनी के पार्कों के रख-रखाव में किया जा रहा है और इसे निवासियों में भी वितरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि “गीला कूड़ा लाओ – खाद ले जाओ” अभियान के तहत पिछले सात दिनों में निवासियों को खाद का वितरण किया गया है, जिससे घर-घर कचरा पृथक्करण को बढ़ावा मिला है।
आरआरआर सेंटर और ‘नेकी की दीवार’ की स्थापना
नागरिक सहभागिता को मजबूत करने के लिए कॉलोनी में आरआरआर (Reduce, Reuse, Recycle) केंद्र और “नेकी की दीवार” की स्थापना की गई है। यहाँ निवासी कपड़े, पुस्तकें और घरेलू उपयोग की अन्य वस्तुएँ दान कर सकते हैं। इस केंद्र का उद्घाटन आरडब्ल्यूए के सदस्यों द्वारा किया गया। साथ ही निवासियों को पुनर्चक्रण योग्य सामग्री निर्धारित डिब्बों में डालने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे प्रभावी रीसाइक्लिंग सुनिश्चित हो सके।
पहले भी पाँच कॉलोनियों को मिल चुका है ‘अनुपम कॉलोनी’ का दर्जा
एनडीएमसी द्वारा इससे पहले पाँच आवासीय कॉलोनियों को “अनुपम कॉलोनी” घोषित किया जा चुका है। इनमें— डी-1, डी-2 एवं सत्य सदन अधिकारी आवास, भारती नगर, आराधना (बर्मा शेल कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड), बापू धाम तथा न्यू मोती बाग शामिल हैं।एनडीएमसी के अनुसार, ये सभी कॉलोनियाँ पर्यावरण-उत्तरदायी और सतत शहरी जीवन की उत्कृष्ट मिसाल के रूप में विकसित की जा रही हैं।