अनिल गुप्ता
दिल्ली डेस्क
नई दिल्ली:– भूटान, श्रीलंका, ताजिकिस्तान, फिलिस्तीन, नाइजीरिया एवं नाइजर सहित छह देशों के 40 वरिष्ठ सिविल सेवकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) का दौरा किया। यह दौरा “नागरिक प्रशासन में उत्कृष्ट कार्यप्रणालियाँ” विषय पर विचारों के आदान प्रदान एवं अनुभव-विनिमय कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन एनडीएमसी एवं राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
इस सत्र के दौरान एनडीएमसी के सचिव – राहुल सिंह ने सतत शहरी विकास एवं आधुनिक नागरिक प्रशासन के लिए एनडीएमसी द्वारा अपनाई गई समेकित कार्यप्रणाली पर एक विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुति दी। उन्होंने उन प्रमुख पहलों का उल्लेख किया, जिनके कारण नई दिल्ली देश की सबसे स्वच्छ, हरित एवं नागरिक-अनुकूल राजधानियों में से एक बनी है।
परिषद की वित्तीय प्रबंधन प्रणाली
उन्होंने हाल ही में प्रारंभ की गई “अनुपम कॉलोनी परियोजना” का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें स्थानीय स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाकर सतत विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने परिषद की वित्तीय प्रबंधन प्रणाली तथा विभिन्न राजस्व स्रोतों की भी जानकारी दी।
इस अवसर पर एनडीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें निदेशक (वित्त), मुख्य अभियंता (सिविल), स्वास्थ्य अधिकारी, निदेशक (उद्यान) एवं निदेशक (प्रशिक्षण) शामिल होकर भाग लिया तथा अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित नवाचारों एवं पहलों की जानकारी साझा की।
स्वच्छता संबंधी पहलों पर विस्तृत प्रस्तुति
एनडीएमसी क्षेत्र में स्वच्छता संबंधी पहलों पर विस्तृत प्रस्तुति स्वास्थ्य अधिकारी – डॉ. शकुंतला श्रीवास्तव द्वारा दी गई। प्रस्तुति में यांत्रिक सफाई व्यवस्था, रात्रिकालीन सफाई अभियान, वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण तथा आरआरआर (Reduce, Reuse, Recycle) मॉडल सहित अनेक पहलों का विवरण प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने समुदाय आधारित सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के माध्यम से विकसित की जा रही अनुपम कॉलोनियों, व्यापक उद्यानिकी एवं हरित क्षेत्र विस्तार कार्यक्रमों, वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु विद्युत खंभों पर मिस्ट स्प्रेयर की स्थापना तथा ई-कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण संबंधी प्रयासों की भी जानकारी दी।
एनडीएमसी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते
स्मार्ट प्रशासन के प्रति एनडीएमसी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए प्रस्तुति में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की कार्यप्रणाली को दर्शाया गया तथा बताया गया कि किस प्रकार परिषद ने सुदृढ़ ई-गवर्नेंस एवं एम-गवर्नेंस प्रणालियों के माध्यम से जनसेवाओं के वितरण में परिवर्तनकारी सुधार किए हैं। 49 से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने तथा एनडीएमसी 311 मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से नागरिक सहभागिता को सहज एवं प्रभावी बनाने के परिणामस्वरूप परिषद ने निवासियों एवं हितधारकों के लिए एक पारदर्शी, जवाबदेह एवं दक्ष डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है।
देशों की शहरी विकास रणनीतियाँ
छह देशों के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने एनडीएमसी अधिकारियों के साथ संवाद स्थापित किया तथा नागरिक प्रशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी एवं स्पष्टीकरण प्राप्त किए। उन्होंने एनडीएमसी के उत्कृष्ट शहरी प्रबंधन मॉडल की सराहना करते हुए अपने-अपने देशों की शहरी विकास रणनीतियों में ऐसी कार्यप्रणालियों को अपनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) के डॉ. ए.पी. सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार का अनुभव एवं ज्ञान आदान-प्रदान भविष्य में ज्ञान साझेदारी तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और सुदृढ़ करेगा तथा स्वच्छ, हरित एवं सतत शहरों के वैश्विक एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए एनडीएमसी की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।