विशेष डेस्क
नोएडा (गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश) में मजदूरों के वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर चल रहे प्रदर्शन सोमवार (13 अप्रैल) को हिंसक हो गए। कई फैक्टरियों में तोड़फोड़, गाड़ियों में आगजनी, पत्थरबाजी और पुलिस से झड़प की घटनाएं हुईं। मंगलवार (14 अप्रैल) को भी कुछ जगहों पर छिटपुट हिंसा देखी गई।क्या है नया बड़ा सुराग?पुलिस की जांच में वायरल ऑडियो क्लिप और इंस्टाग्राम/व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट सामने आए हैं, जिनमें हिंसा को प्लान करके भड़काने की कोशिश दिख रही है। ये सबूत पुलिस को सोशल मीडिया से मिले या वायरल हुए।
ऑडियो क्लिप में क्या कहा गया ?
एक व्यक्ति भीड़ को उकसाते हुए कहता है: “कल भाई पुलिसवालों पर हमला करना है… लाठीचार्ज दोबारा से पुलिसवालों पर होना चाहिए… हमारे बहुत भाई-बहन घायल हुए हैं… तो जल्दी से आने की कृपा करें…” इसमें लाठी-डंडे लेकर आने और पुलिस पर हमला करने की अपील है।भीड़ इकट्ठा करने और हड़ताल जारी रखने की बात भी कही गई।
चैट/स्क्रीनशॉट में क्या ?
इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप चैट में लोगों (खासकर महिलाओं) से अपील: “भाई लाठी-वाठी कुछ नहीं, मिर्च पाउडर ले चलो बस बात खत्म… सब भाईयों-बहनों से अपील है कि मिर्ची पाउडर ले चले, ज्यादा से ज्यादा संख्या में…” मिर्च पाउडर का इस्तेमाल पुलिस पर फेंकने या उन्हें अंधा करने के लिए करने की बात कही गई, ताकि लाठीचार्ज का मुकाबला किया जा सके। कुछ चैट में लाल मिर्च पाउडर के साथ लाठी-डंडे लेकर आने को कहा गया।
पुलिस इन ऑडियो और चैट को साजिश का सबूत मान रही है। इसमें 50 से ज्यादा बॉट हैंडल या फेक अकाउंट चिन्हित किए गए हैं, जो एक ही वीडियो/मैसेज को बार-बार वायरल कर भीड़ भड़काने की कोशिश कर रहे थे।हिंसा की पृष्ठभूमिप्रदर्शन मुख्य रूप से फेज-2, सेक्टर 60 और आसपास की इंडस्ट्रियल एरिया में हुआ।
मजदूरों की मांग: वेतन बढ़ोतरी, अन्य सुविधाएं।
हिंसा में 300-350 फैक्टरियों में तोड़फोड़, 150+ गाड़ियां क्षतिग्रस्त/जलाई गईं, पुलिस वाहन भी निशाना बने। पुलिस ने मिनिमम फोर्स (लाठीचार्ज, आंसू गैस) का इस्तेमाल किया। कई लोग घायल हुए, 300+ लोग हिरासत में लिए गए। पुलिस का दावा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाहरी तत्वों (outsiders) और कुछ संगठनों (जैसे ultra-leftist या Mazdoor Bigul Dasta जैसों) ने हाईजैक कर हिंसा भड़काई। कुछ रिपोर्ट्स में पाकिस्तान-नक्सल कनेक्शन की भी जांच का जिक्र है।
पुलिस की कार्रवाई
ऑडियो, चैट और स्क्रीनशॉट का संज्ञान लिया गया है। जांच चल रही है कि ये मैसेज किसने भेजे, कौन लोग शामिल थे। FIR दर्ज की गई हैं, गिरफ्तारियां हो रही हैं। नोएडा पुलिस और UP पुलिस ने भारी फोर्स तैनात किया है, ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। यह घटना अभी भी विकसित हो रही है। पुलिस इसे बड़ी साजिश मानकर जांच कर रही है, ताकि असली दोषियों तक पहुंचा जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये सबूत हिंसा को प्लान्ड तरीके से बढ़ावा देने की ओर इशारा करते हैं, न कि सिर्फ मजदूरों के स्वतःस्फूर्त आंदोलन की।