स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली/मेलबर्न: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना ऑस्ट्रेलिया दौरा समाप्त कर न्यूज़ीलैंड के लिए रवाना हो गए हैं। वह मेलबर्न से ऑकलैंड के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। यह लगभग 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूज़ीलैंड की द्विपक्षीय यात्रा है, जिसे दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
न्यूज़ीलैंड में भारत की उच्चायुक्त मुआनपुई सैयावी ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि साझेदार देशों के नेताओं के बीच आमने-सामने की बातचीत द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देती है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे और अब दोनों देश उस सहयोग को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे।
उच्चायुक्त के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा में समुद्री सुरक्षा और समुद्री सहयोग प्रमुख एजेंडा रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष न्यूज़ीलैंड इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) में शामिल हुआ था, जिसके बाद से दोनों देश कई रणनीतिक और विकासात्मक क्षेत्रों में मिलकर कार्य कर रहे हैं।
भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी
ऑस्ट्रेलिया दौरे के समापन पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर ऑस्ट्रेलिया की सरकार, वहां के नागरिकों और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ का आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के परिणामों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को और मजबूत किया है तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खोले हैं।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में दोनों देशों के साथ-साथ व्यापक वैश्विक हितों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा।