सरल डेस्क
नई दिल्ली:- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23-24 अप्रैल 2026 को बैंकों के प्रमुखों, RBI, NPCI, CERT-In और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक का मुख्य मुद्दा अमेरिकी कंपनी Anthropic के Claude Mythos (या Cloud Mythos) नामक एडवांस AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित साइबर हमलों का आकलन था।
Mythos AI क्या है और यह क्यों खतरनाक ?
Anthropic का यह अब तक का सबसे शक्तिशाली AI मॉडल कोडिंग और साइबर सुरक्षा के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह सॉफ्टवेयर/ऑपरेटिंग सिस्टम/ब्राउज़र में दशकों पुरानी (27 साल पुरानी) अज्ञात कमियों (unknown vulnerabilities) को इंसानों से भी तेजी से ढूंढ लेता है।
हैकर्स के लिए यह “ब्रह्मास्त्र” साबित हो सकता है – एक लैपटॉप से ही बड़े बैंक या सरकारी सिस्टम को हैक करने की क्षमता। Anthropic ने इसे सार्वजनिक नहीं किया; सिर्फ Amazon, Microsoft, Google जैसी 40 चुनिंदा कंपनियों को एक्सेस दिया। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ अनधिकृत समूहों ने इसका एक्सेस हासिल कर लिया है। कंपनी का खुद का दावा: अगर बिना नियंत्रण रिलीज किया गया तो अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को भारी नुकसान हो सकता है।
वित्त मंत्री ने क्या कहा ?
पुणे में SBI के नए ऑफिस के उद्घाटन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट चेतावनी दी:“भारतीय बैंकों ने दशकों से सस्टेनेबल डिजिटाइजेशन, सिस्टम अपग्रेड, फायरवॉल और कस्टमर सेफ्टी के जरिए कोई बड़ी साइबर घटना नहीं होने दी। लेकिन एडवांस AI का चैलेंज अलग और कम समझा गया है। जो कुछ हमने किया है, वह पर्याप्त नहीं हो सकता। हमें नया और ज्यादा वर्सेटाइल सिक्योरिटी सिस्टम बनाना होगा।”
उन्होंने Mythos को “unprecedented emerging threat” बताया और कहा कि बैंकों को पहले से कहीं ज्यादा चौकन्ना रहना, तैयारी पुख्ता करनी और आपस में मिलकर काम करना होगा। सरकार और बैंकों के लिए निर्देश तुरंत कदम बैंकों को अपने IT सिस्टम को और मजबूत करने, कस्टमर डेटा की सुरक्षा के लिए एक्शन लेने को कहा गया।
लाइव इंटेलिजेंस शेयरिंग सिस्टम
Indian Banks’ Association (IBA) के नेतृत्व में (SBI चेयरमैन की अगुवाई) सभी बैंक मिलकर कमजोरियों का आकलन करें, नई टेक्नोलॉजी अपनाएं और AI से AI को काउंटर करने की तैयारी करें। CERT-In और अन्य एजेंसियों के साथ लाइव इंटेलिजेंस शेयरिंग सिस्टम बनाएं। एक बैंक पर खतरा दिखते ही पूरी सिस्टम को अलर्ट।
सबसे बेहतर साइबर एक्सपर्ट्स और स्पेशलाइज्ड एजेंसियां हायर करें। संदिग्ध गतिविधि तुरंत रिपोर्ट करें। वित्त मंत्रालय और MeitY एक नया फ्रेमवर्क बना रहे हैं जो AI-आधारित हमलों को पहचान सके और रोक सके। AI Regulation and Economic Group (AIGEG) भी सक्रिय।
कई देशों के बैंक और सरकारें अलर्ट
भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और जापान सहित कई देशों के बैंक और सरकारें अलर्ट मोड में हैं। यह प्री-एम्प्टिव (पूर्व-सतर्क) कदम है ताकि ग्राहकों का पैसा और डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे। संक्षेप में, वित्त मंत्री का संदेश साफ है – पुरानी सुरक्षा अच्छी थी, लेकिन AI के नए युग में नया सिक्योरिटी सिस्टम बनाना होगा। बैंकों को जल्दी से निवेश बढ़ाना, टेक्नोलॉजी अपडेट करना और सहयोग बढ़ाना पड़ेगा।