स्पेशल डेस्क
खाड़ी क्षेत्र में भारतीय वाणिज्यिक जहाज़ों पर हुए हमलों को लेकर ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है और इसे अमेरिका की “हथियारबंद लूट और समुद्री डकैती” की नीति का प्रमाण बताया है।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में बकाई ने कहा कि भारतीय वाणिज्यिक जहाज़ों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं। उन्होंने मृत भारतीय नाविकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भारत सरकार और भारतीय जनता के प्रति गहरा दुख प्रकट किया।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की कि अमेरिका को उसके “गैरकानूनी व्यवहार” के लिए जवाबदेह ठहराया जाए। बकाई के अनुसार, अमेरिकी कार्रवाई न केवल वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता को भी प्रभावित कर रही है।
चार दिनों में तीन जहाज़ बने निशाना
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पिछले चार दिनों में भारतीय क्रू सदस्यों वाले तीन जहाज़ों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं।
1. एमटी मारिवेक्स (MT Marivex)
8 जून को इस जहाज़ पर हमला हुआ था। जहाज़ में 24 भारतीय नाविक सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी पुष्टि की थी।
2. एमटी सेटेबेलो (MT Setebelo)
10 जून को हुए हमले में 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इस घटना में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि शेष 21 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।
3. एमटी जलवीर (MT Jalveer)
11 जून को इस जहाज़ पर भी हमले की सूचना मिली। जहाज़ में 20 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बढ़ती चिंता
लगातार हो रहे इन हमलों ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वहीं, ईरान ने इन घटनाओं के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक समुद्री व्यापार और सुरक्षा के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है।