सरल डेस्क
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 मार्च से उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय धार्मिक प्रवास पर रहेंगी। यह दौरा आध्यात्मिक आस्था, संतों के सानिध्य और प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन-पूजन पर केंद्रित रहेगा। राष्ट्रपति अपने दौरे की शुरुआत अयोध्या से करेंगी, जहां वह श्री रामलला के दर्शन और आरती में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम सुबह के समय आयोजित होगा, जिसमें विशेष सुरक्षा और प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा।
मथुरा-वृंदावन का कार्यक्रम
अयोध्या से राष्ट्रपति विशेष विमान और सेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से मथुरा पहुंचेंगी। यहां मोतीकुंज हेलीपैड पर उनका आगमन होगा। इसके बाद वह सड़क मार्ग से वृंदावन जाएंगी। वृंदावन में उनके स्वागत के लिए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री उपस्थित रहेंगे। इस दौरान राष्ट्रपति प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना करेंगी और संत-महात्माओं से आशीर्वाद प्राप्त करेंगी।
संत प्रेमानंद महाराज संग सत्संग
दौरे के दौरान राष्ट्रपति प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के साथ सत्संग में भाग लेंगी। यह आध्यात्मिक संवाद उनके दौरे का विशेष आकर्षण माना जा रहा है, जिसमें धर्म, समाज और मानव मूल्यों पर चर्चा संभव है। राष्ट्रपति गिरिराज जी (गोवर्धन पर्वत) की परिक्रमा भी करेंगी। यह हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है और श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन के साथ-साथ संतों का सानिध्य प्राप्त करना और आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताना है। राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां की हैं। सभी प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं, जिसमें पुलिस, खुफिया एजेंसियों और केंद्रीय बलों की तैनाती शामिल है।