उत्तराखंड डेस्क
Delhi-Dehradun Expressway का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में उद्घाटन किया। इसके साथ ही आज से इस एक्सप्रेस-वे से दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र ढाई घंटे की रह जाएगी। दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड के लोगों का सफर काफी आसान हो जाएगा। आइए जानते हैं इस एक्सप्रेस-वे पर सफर के लिए लोगों को कितना टोल देना पड़ेगा और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे की क्या खासियतें हैं…
अभी नहीं लगेगा टोल
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक टोल निर्धारण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। साथ ही टोल संग्रहण का जिम्मा किस एजेंसी को दिया जाएगा इसका निर्णय भी नहीं हुआ है। ऐसे में अभी कुछ दिन और एक्सप्रेसवे टोल फ्री रहेगा। सूत्रों की मानें तो बुधवार को टेंडर जारी किए जाएंगे। इसके बाद ही टोल संग्रहण का काम शुरू किया जाएगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे टोल दरें
मार्ग (दिल्ली से)
➡️ कादा (बागपत): ₹235 | 24 घंटे में वापसी टोल ₹350
➡️ सहारनपुर: ₹530 | 24 घंटे में वापसी टोल ₹790
➡️ देहरादून (पूरा सफर): ₹675 | 24 घंटे में वापसी टोल ₹1010
महत्वपूर्ण जानकारी:
- अक्षरधाम से लोनी बॉर्डर तक का हिस्सा टोल-फ्री रहेगा।
- हल्के वाणिज्यिक वाहनों के लिए टोल लगभग ₹1,100
- बस/ट्रक के लिए टोल ₹2,300 से अधिक हो सकता है
- यातायात सुगम बनाने के लिए 12 इंटरचेंज बनाए गए हैं
(यह सभी आंकड़े अभी अनुमानित हैं, वास्तविक टोल दरें टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्धारित होंगी)
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का टोल अन्य टोल से ज्यादा होगा। हालांकि इसके पीछे की बड़ी वजह ये है कि यह एक्सप्रेस-वे 6 लेन और 210 किमी. लंबा है। यह एक्सप्रेस-वे शिवालिक की पहाड़ियों से होकर गुजरता है और यहां मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ ही टफ इंजीनियरिंग का इस्तेमाल हुआ है। यही सारी वजहें हैं कि इसे बनाने में 12000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और इसका टोल भी अधिक रहने की संभावना है।