
नई दिल्ली – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेंद्र यादव ने राजधानी में प्रदूषण और अन्य जन–सरोकार के मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट के लगातार हस्तक्षेप को भाजपा सरकार की विफलता और जनता के प्रति उसकी निष्क्रियता बताया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर यदि सुप्रीम कोर्ट को बार-बार सख्ती दिखानी पड़ रही है, तो यह दर्शाता है कि सरकारें अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही हैं।
दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, सुप्रीम कोर्ट चिंतित
देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली की हवा जहरीली हो चुकी है और राजधानी में प्रदूषण का स्तर शनिवार को 600 AQI को पार कर गया, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि “भाजपा सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने में नाकाम रही है, जिसके चलते सर्दी की शुरुआत से पहले ही GRAP-4 लागू करने की नौबत आ गई है। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई के दौरान प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी राज्यों से रिपोर्ट, दिए कई निर्देश
यादव ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार और पड़ोसी राज्यों से पराली जलाने पर रोक, निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण और पुराने वाहनों के संचालन को सीमित करने संबंधी जानकारी मांगी है। कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली में स्थिति “अत्यंत गंभीर” है और इसके लिए प्रभावी नियंत्रण उपाय आवश्यक हैं।
बार-बार कोर्ट के हस्तक्षेप से उजागर शासन की असफलता
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट को पहले भी दिल्ली के कई मुद्दों पर हस्तक्षेप करना पड़ा है—
- जल संकट
- यमुना सफाई
- वायु प्रदूषण
- राजधानी में आवारा कुत्तों की समस्या
- दिल्ली सरकार–केन्द्र सरकार के बीच अधिकारों को लेकर विवाद
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से हर साल पानी, कूड़े के पहाड़, यमुना सफाई और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर अदालत को दखल देना पड़ रहा है, जो सरकारों की लापरवाही का प्रमाण है।
AAP और BJP दोनों पर निशाना
देवेंद्र यादव ने कहा कि “भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों ने झूठे वादों और बयानबाजी के सहारे सत्ता तो हासिल की, लेकिन जनता के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
उन्होंने कहा, “सत्ता में रहने वाली पार्टी अपनी नाकामी मानने को तैयार नहीं और सत्ता से बाहर पार्टी अपने कार्यकाल की असफलताओं को भुलाकर आरोप लगाती रहती है। दोनों दल मिलकर दिल्ली की जनता को धोखा दे रहे हैं।”
‘जब सुप्रीम कोर्ट चिंतित है, तो सरकारें मौन क्यों?’
यादव ने सवाल उठाया कि जब सुप्रीम कोर्ट दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य के लिए चिंतित है, तो दिल्ली सरकार को लोगों की चिंता क्यों नहीं होती ? उन्होंने कहा कि कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि “सभी गतिविधियों को बंद करना संभव नहीं, क्योंकि लाखों लोगों की आजीविका इन पर निर्भर है। इसलिए सरकार को दीर्घकालिक समाधान पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार सिर्फ बयानबाजी में लगी है।”