
सरल डेस्क
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश):- शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में कथित तौर पर हिंदू रक्षा दल द्वारा तलवारें वितरित किए जाने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस प्रकरण ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है, बल्कि विवादित बयानों के चलते सामाजिक तनाव की आशंका भी गहराती जा रही है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी समेत 16 नामजद और 25 से 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अब तक पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी पिंकी चौधरी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
फरारी के दौरान कथित धमकी
बताया जा रहा है कि फरारी के दौरान पिंकी चौधरी की ओर से कथित तौर पर धमकी भरे संदेश भी सामने आए हैं, जिन्हें पुलिस गंभीरता से जांच रही है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे किसी भी बयान या गतिविधि को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
यति नरसिंहानंद का वीडियो बयान
इसी बीच, डासना मंदिर के महंत और जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी का एक वीडियो बयान सामने आने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। वीडियो में यति नरसिंहानंद ने पिंकी चौधरी का समर्थन करते हुए तलवार वितरण को उचित बताया, हालांकि उन्होंने इसे “नाकाफी” भी करार दिया।
विवादित और भड़काऊ टिप्पणी
अपने बयान में यति नरसिंहानंद ने कथित तौर पर कहा कि “केवल तलवारें बांटने से कुछ नहीं होगा, युवाओं को आत्मघाती दस्ते बनाने चाहिए,और बजरंग दल जैसे संगठनों को छोड़कर आईएसआईएस जैसा संगठन खड़ा करने की बात कही। इन टिप्पणियों के सामने आने के बाद प्रशासन और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे बयानों की कानूनी जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
भड़काऊ बयान या गतिविधि को बर्दाश्त नहीं
प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि “कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी तरह के भड़काऊ बयान या गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
गाजियाबाद का यह मामला अब केवल तलवार वितरण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि फरारी, धमकी और विवादित बयानों के कारण एक संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। आने वाले दिनों में पिंकी चौधरी की गिरफ्तारी और यति नरसिंहानंद के बयान पर होने वाली कानूनी कार्रवाई इस प्रकरण की दिशा तय करेगी।