
अहमदाबाद। मकर संक्रांति के मौके पर जहां पूरे गुजरात में उत्तरायण का उल्लास छाया रहा, वहीं यह पर्व हजारों लोगों के लिए मेडिकल इमरजेंसी बनकर सामने आया। 14 जनवरी को पतंग उड़ाने के दौरान हुए हादसों के चलते राज्य की 108 एम्बुलेंस सेवा पर रिकॉर्ड संख्या में कॉल दर्ज की गईं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उत्तरायण के दिन इमरजेंसी मामलों में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सिर्फ एक दिन में 108 सेवा को कुल 5,897 आपातकालीन कॉल प्राप्त हुईं, जो सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हैं।
पतंग की डोर बनी सबसे बड़ा खतरा
उत्तरायण के दौरान सबसे ज्यादा मामले पतंग की डोर से कटने और घायल होने के सामने आए। रिपोर्ट के मुताबिक,
- इन मामलों में 200 से लेकर 1000 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई
- खासतौर पर नायलॉन और चाइनीज मांझा जानलेवा साबित हुआ
- कई लोगों की गर्दन, हाथ और चेहरे पर गहरे कट लगे
कुछ मामलों में हालत गंभीर होने पर घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
छत से गिरने और आपसी झगड़ों के मामले भी बढ़े
पतंग उड़ाने के दौरान छत से गिरने की घटनाओं में भी तेज इजाफा देखा गया।
- बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इसकी चपेट में आए
- ऊंची छतों पर सुरक्षा इंतजामों की कमी हादसों की बड़ी वजह बनी
इसके अलावा पतंग काटने और पकड़ने को लेकर हुए आपसी झगड़ों में भी चोटिल होने के कई मामले सामने आए।
बिजली से जुड़े हादसों ने बढ़ाई चिंता
उत्तरायण के दौरान पतंग की डोर के बिजली के तारों से उलझने के कारण करंट लगने और झुलसने की घटनाएं भी सामने आईं।
- कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई
- करंट लगने से गंभीर रूप से घायल लोगों को 108 सेवा की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया
108 सेवा और प्रशासन अलर्ट मोड पर
लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए 108 एम्बुलेंस सेवा और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट रहा।
- अतिरिक्त एम्बुलेंस तैनात की गईं
- मेडिकल स्टाफ को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए
प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित तरीके से पतंग उड़ाने, चाइनीज मांझे से दूर रहने और छतों पर सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है।
उत्सव के साथ सतर्कता जरूरी
उत्तरायण का पर्व जहां आनंद और उत्साह का प्रतीक है, वहीं यह आंकड़े बताते हैं कि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे परंपरा का आनंद लें, लेकिन अपनी और दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।