
स्पेशल डेस्क
UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) ने 4 फरवरी को Civil Services Examination (CSE) 2026 और Indian Forest Service (IFS) 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया था। लेकिन इस नोटिफिकेशन में इतनी बड़ी संख्या में स्पेलिंग, ग्रामर और टाइपोग्राफिकल गलतियां पाई गईं कि यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और अभ्यर्थियों तथा यूजर्स ने UPSC की कड़ी आलोचना की।
स्पेलिंग और व्याकरण संबंधी त्रुटियां
नोटिफिकेशन में 40 से अधिक (कुछ दावों में 50+) स्पेलिंग और व्याकरण संबंधी त्रुटियां बताई गई हैं। कुछ प्रमुख उदाहरण:- Examination को Examinaiton लिखा गया (पेज 2, 17 और 156 पर दोहराया गया)। Candidates को Cadidates लिखा। Benchmark को Bechmark। अन्य सामान्य गलतियां जैसे Pratibha Setu (सरकारी पोर्टल) को Prabitha Setu लिखना, और कई जगहों पर शब्दों की गलत स्पेलिंग, अनावश्यक दोहराव, या सेंटेंस स्ट्रक्चर की कमियां।
ये गलतियां “How to Apply” सेक्शन, नियमों और अन्य हिस्सों में फैली हुई हैं। एक कंटेंट क्रिएटर अमित किल्होर ने वीडियो बनाकर इन गलतियों को हाइलाइट किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि इतनी बेसिक गलतियां UPSC जैसे “प्रीमियम” संस्थान से नहीं होनी चाहिए। उनका वीडियो और पोस्ट्स सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए।
फिर IAS-IPS कैसे चुनेंगे ?
अभ्यर्थी ट्रोल कर रहे हैं “Examination भी नहीं लिख पा रहे… फिर IAS-IPS कैसे चुनेंगे?”, “UPSC खुद परीक्षा पास नहीं कर पाएगा” जैसे कमेंट्स। कई यूजर्स ने इसे UPSC की प्रूफरीडिंग (proofreading) और गुणवत्ता जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाया।
क्या UPSC ने कोई प्रतिक्रिया दी ?
अभी तक UPSC की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या सुधार (corrigendum) जारी नहीं हुआ है (6 फरवरी 2026 तक की जानकारी के अनुसार)। लेकिन इतनी चर्चा के बाद संभव है कि जल्द ही corrigendum आए, जैसा कि पहले मामलों में होता रहा है। यह घटना UPSC की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है, क्योंकि यही संस्था लाखों अभ्यर्थियों से परफेक्शन और जीरो एरर की उम्मीद करती है। नोटिफिकेशन में इतनी गलतियां एक सिस्टमिक फेलियर या जल्दबाजी की ओर इशारा करती हैं।