
सरल डेस्क
कानपुर:- कानपुर में हुए चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे के बाद अब तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को लेकर कई पुराने विवाद फिर से सामने आने लगे हैं। हादसे के बाद सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर पर उनके खिलाफ पुरानी शिकायतों और विवादों की चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि शिवम मिश्रा पर पहले भी लॉकडाउन के दौरान पुलिस से बदसलूकी, इनकम टैक्स छापेमारी के दौरान अधिकारियों पर पिस्तौल तानने, और लग्जरी गाड़ियों पर एक ही VIP नंबर ‘4018’ इस्तेमाल करने जैसे आरोप लग चुके हैं।
लॉकडाउन में पुलिस से भिड़ने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक कोरोना लॉकडाउन के समय शिवम मिश्रा का एक विवाद सामने आया था, जिसमें उन पर पुलिसकर्मियों से झगड़ा और बदसलूकी करने का आरोप लगा था। उस समय आम जनता पर सख्ती थी और नियमों का पालन कराया जा रहा था, लेकिन शिवम मिश्रा के मामले में आरोप है कि उन्होंने पुलिस की रोक-टोक का विरोध किया और विवाद बढ़ गया।
आयकर छापेमारी में अधिकारियों पर पिस्तौल तानने का मामला
शिवम मिश्रा से जुड़ा एक बड़ा विवाद इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी से भी जुड़ा बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि छापेमारी के दौरान तनाव बढ़ा और आरोप है कि शिवम मिश्रा ने आयकर अधिकारियों पर पिस्तौल तान दी थी। यह मामला उस समय भी काफी चर्चा में रहा था। हालांकि, अधिकारियों की तरफ से हुई कार्रवाई और केस की मौजूदा स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं।
एक ही VIP नंबर ‘4018’ कई गाड़ियों पर लगाने की चर्चा
इस पूरे मामले में एक और बात चर्चा में है कि शिवम मिश्रा कथित रूप से अपनी कई लग्जरी गाड़ियों पर एक ही VIP नंबर ‘4018’ लगवाते थे।लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि “क्या यह नंबर नियमों के अनुसार वैध तरीके से लिया गया था? क्या अलग-अलग गाड़ियों पर एक ही नंबर लगाना नियमों का उल्लंघन है? या फिर यह नंबर प्लेट “फर्जी/डुप्लीकेट” तरीके से इस्तेमाल की गई?
टर्नओवर छिपाकर टैक्स चोरी के आरोप
शिवम मिश्रा और उनके परिवार के कारोबार को लेकर भी कई आरोप सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन पर टर्नओवर छिपाने और टैक्स चोरी जैसे आरोप भी लगे हैं। सूत्रों का दावा है कि “व्यापार से जुड़े दस्तावेजों में आय कम दिखाकर कर बचाने की कोशिश की गई थी। हालांकि इस संबंध में विभागीय जांच और कार्रवाई की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकती है।
हादसे के बाद बढ़ी जांच और चर्चा
कानपुर में हुए हादसे के बाद अब शिवम मिश्रा के खिलाफ पुराने मामलों की फाइलें भी चर्चा में आ गई हैं। लोगों का कहना है कि यदि पहले के मामलों में सख्त कार्रवाई होती तो शायद आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
अब सवाल ये हैं
इस मामले के बाद अब कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं— क्या शिवम मिश्रा के पुराने विवादों की फिर से जांच होगी ? क्या VIP नंबर प्लेट और लग्जरी गाड़ियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच होगी? आयकर छापेमारी वाले मामले में आगे क्या कार्रवाई हुई थी? और सबसे अहम—कानपुर हादसे में कानून क्या सख्त कदम उठाएगा?
कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसे के बाद शिवम मिश्रा का नाम केवल एक दुर्घटना तक सीमित नहीं रह गया है। उनके पुराने विवादों की सूची सामने आने के बाद मामला अब कानून व्यवस्था, वीआईपी कल्चर, और सिस्टम की सख्ती जैसे मुद्दों से भी जुड़ गया है। अब सबकी नजर इस पर है कि प्रशासन और जांच एजेंसियां इस पूरे मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करती हैं।