
नेशनल डेस्क
नई दिल्ली:- केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले लोगों (गुड समैरिटन) के लिए इनाम की राशि को 5,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की घोषणा की है। यह योजना ‘राहवीर’ (Rah-Veer) के नाम से जानी जा रही है, जो पहले की गुड समैरिटन स्कीम का अपडेटेड वर्जन है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को हादसे के बाद ‘गोल्डन आवर’ (पहले एक घंटे) में पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित करना है, क्योंकि समय पर मदद से हजारों जानें बचाई जा सकती हैं।
इनाम की राशि 25,000 रुपये प्रति घटना (पहले 5,000 रुपये थी)। कोई भी व्यक्ति जो बिना किसी इनाम की उम्मीद के, अच्छी नीयत से सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को तुरंत मदद देता है और उसे अस्पताल पहुंचाता है। ऐसे व्यक्ति को ‘राहवीर’ की उपाधि दी जाएगी।
कितनी बार मिल सकता है ?
एक व्यक्ति को साल में अधिकतम 5 बार या प्रति पीड़ित 25,000 रुपये तक (मल्टीपल पीड़ितों की स्थिति में)। मूल गुड समैरिटन स्कीम अक्टूबर 2021 में शुरू हुई थी। इनाम बढ़ाने की घोषणा जनवरी 2025 में नागपुर में एक रोड सेफ्टी कार्यक्रम में की गई, और दिसंबर 2025 में संसद में भी इसका जिक्र हुआ। अगर एक से ज्यादा लोग मदद करते हैं, तो इनाम बराबर बांटा जाएगा। कुछ राज्यों में अतिरिक्त सम्मान भी मिल सकता है।
अब होगा कैशलेस इलाज
सड़क हादसे के पीड़ितों को पहले 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा (मार्च 2025 से पूरे देश में लागू)। मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की सहायता। प्रमुख इलाकों में 10 मिनट में एम्बुलेंस पहुंचाने का लक्ष्य।
क्यों जरूरी है यह योजना ?
भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें 1.8 लाख लोगों की मौत हो जाती है (ज्यादातर 18-34 साल के युवा)। मंत्री गडकरी ने संसद में कहा कि “लोग कानूनी झंझट या पुलिस पूछताछ के डर से मदद करने से हिचकिचाते हैं, लेकिन यह योजना और गुड समैरिटन कानून (2020) लोगों को बिना डर के मदद करने की सुरक्षा देते हैं। समय पर मदद से सालाना 50,000 जानें बचाई जा सकती हैं।यह योजना रोड सेफ्टी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अगर आप या कोई जानकार हादसे में मदद करता है, तो संबंधित राज्य के परिवहन विभाग या पुलिस से संपर्क कर इनाम के लिए आवेदन कर सकते हैं।